उत्तर प्रदेश में अगले पांच दिन बारिश और गरज-चमक के आसार

उत्तर प्रदेश में अगले पांच दिन बारिश और गरज-चमक के आसार

लखनऊ, 12 अगस्त। उत्तर प्रदेश कई स्थानो पर नदियों के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के बीच मौसम विभाग ने राज्य में मानसून की सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रहने के आसार जताये हैं।मौसम केंद्र, लखनऊ की ओर से बुधवार को जारी सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 12 अगस्त को पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है। 13 अगस्त से बारिश का दायरा बढ़ने के साथ 17 अगस्त तक दोनों अंचलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार 13 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। 14 अगस्त को पश्चिमी अंचल में कुछ स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश की संभावना है। 15 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अनेक तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग सभी स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। 16 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग सभी स्थानों पर बारिश की संभावना है। 17 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है। 18 अगस्त को भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश की संभावना है।मौसम विभाग ने 13 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की बहुत संभावना जताई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में वज्रपात के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 14 अगस्त को दोनों अंचलों में कहीं-कहीं मेघ गर्जन, वज्रपात और भारी बारिश की संभावना है। 15, 16 और 17 अगस्त को पश्चिमी तथा पूर्वी दोनों उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। 18 अगस्त को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कोई चेतावनी नहीं है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी।

केंद्रीय जल आयोग की 12 अगस्त की दैनिक जलस्तर रिपोर्ट के अनुसार मध्य गंगा मंडल-1, लखनऊ के अंतर्गत विभिन्न नदियों के जलस्तर में अलग-अलग स्थानों पर बढ़ोतरी और गिरावट दर्ज की गई है। घाघरा नदी अयोध्या में 92.22 मीटर पर थी और बढ़ने की प्रवृत्ति के साथ अगले दिन 92.30 मीटर तक पहुंचने का पूर्वानुमान है। घाघरा एल्गिनब्रिज में जलस्तर 105.80 मीटर दर्ज किया गया, जहां इसके 106.12 मीटर तक बढ़ने का अनुमान है।सरयू (बाबई) के गैघाट में जलस्तर 127.64 मीटर और बढ़ने की प्रवृत्ति दर्ज की गई। घाघरा सोहनौली मोहम्मदपुर में 96.29 मीटर जलस्तर के साथ बढ़ने की प्रवृत्ति रही। सरयू कर्नलगंज में जलस्तर 101.67 मीटर दर्ज किया गया। राप्ती के मधवापुर स्टेशन पर जलस्तर 124.17 मीटर रहा और इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। घाघरा बीके घाट में जलस्तर 135.62 मीटर दर्ज किया गया और इसमें करीब 10 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से बढ़ोतरी दर्ज हुई। शारदा नदी बनबसा में 218.30 मीटर जलस्तर के साथ बढ़ने की प्रवृत्ति रही, जबकि पलियाकलां में जलस्तर 154.34 मीटर दर्ज हुआ और बढ़ोतरी जारी रही।

केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों में कुछ नदियों के जलस्तर में गिरावट भी दर्ज की गई है। घाघरा तुर्तीपार में जलस्तर 63.65 मीटर रहा और 20 सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से गिरावट दर्ज हुई। राप्ती बंसी में जलस्तर 81.49 मीटर और राप्ती बलरामपुर में 101.85 मीटर दर्ज किया गया। वहीं छोटी गंडक सलेंमपुर में 63.17 मीटर तथा हेतिमपुर में 73.86 मीटर जलस्तर रहा। रोहिन नदी त्रिमोहिनीघाट में 79.87 मीटर पर रही और इसमें छह सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से गिरावट दर्ज हुई। कुनहरा उसकाबाजार में 78.32 मीटर जलस्तर के साथ चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की गिरावट दर्ज की गई।केंद्रीय जल आयोग के वर्षा आंकड़ों के अनुसार 11 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 12 अगस्त सुबह 8:30 बजे तक की अवधि में अधिकांश नदी निगरानी केंद्रों पर वर्षा शून्य दर्ज की गई। तुर्तीपार, सलेंमपुर, हेतिमपुर, गोला बाजार, मनीराम, रेगौली, बर्डघाट, चौहान पट्टी, ठूठीबारी, त्रिमोहिनीघाट, बंसी, एल्गिनब्रिज और अयोध्या समेत कई केंद्रों पर कोई वर्षा दर्ज नहीं हुई।

हालांकि कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा हुई। गागरीगोल में गोमती नदी क्षेत्र में 18.2 मिलीमीटर, बागेश्वर में सरयू में 33.4 मिलीमीटर, मोटीपुर में सुहेली में 6.2 मिलीमीटर, बंगापानी में गौरी गंगा में 4.8 मिलीमीटर, कंज्योति में धौलीगंगा में छह मिलीमीटर तथा पंचेश्वर में शारदा में 1.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। सरयू घाट पर एक मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई।केंद्रीय जल आयोग के बुलेटिन के अनुसार कतर्नियाघाट बैराज पर घाघरा का जलस्तर 136.80 मीटर और अधिकतम जलस्तर 138.0 मीटर दर्ज किया गया। यहां प्रवाह का पूर्वानुमान 4,600 घन मीटर प्रति सेकेंड रखा गया है। बनबसा बैराज में शारदा का जलस्तर 222.60 मीटर दर्ज हुआ।

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