
मुंबई, 12 अगस्त । बॉलीवुड अभिनेता एवं फिल्मकार वीर दास ने अपनी दूसरी निर्देशित फिल्म ‘बारा नंबर’ की शूटिंग पूरी कर ली है। फाउंड-फुटेज फॉर्मेट में बनी यह फिल्म एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर है। फिल्म में वीर दास निर्देशक, निर्माता और अभिनेता की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।‘बारा नंबर’ का सह-निर्माण थर्ड फ्रेम स्टूडियो के जेफ लाजरस और कौशिक श्रीनिवासन, नरेश मलिक तथा वीर दास की जाज़ू प्रोडक्शंस ने किया है। कवि शास्त्री फिल्म के क्रिएटिव प्रोड्यूसर हैं।
फिल्म में शीबा चड्ढा, सुहैल नैय्यर, अरुणोदय सिंह, अहसास चन्ना, अतुल कुलकर्णी, निहारिका लायरा दत्त, श्रिया पिलगांवकर, पूजा सरूप और नवीन कौशिक समेत कई कलाकार महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।फिल्म का फाउंड-फुटेज फॉर्मेट इसकी कहानी का अहम हिस्सा है। इसके जरिए कहानी को इमर्सिव विजुअल शैली में प्रस्तुत किया गया है और किरदारों के मनोवैज्ञानिक पहलुओं को गहराई से तलाशने की कोशिश की गयी है।
वीर दास ने कहा, “बारा नंबर मेरे लिए बेहद गहन और संतोषजनक अनुभव रहा है, क्योंकि इसने मुझे लगभग हर संभव तरीके से चुनौती दी। साइकोलॉजिकल थ्रिलर को फाउंड-फुटेज फॉर्मेट में बताने के फैसले ने पूरी प्रक्रिया में एक अलग परत जोड़ दी। इस तरह की फिल्म में कैमरा खुद उस दुनिया का हिस्सा बन जाता है और दर्शकों को ऐसा महसूस होना चाहिए कि वे कहानी को सिर्फ देख नहीं रहे, बल्कि खुद उसे खोज रहे हैं।”उन्होंने कहा, “मेरे लिए बारा नंबर को खास बनाने वाली सबसे बड़ी चीज हमारी एन्सेम्बल कास्ट है। हर कलाकार अपने हुनर को लेकर मजबूत समझ के साथ इस प्रोजेक्ट में आया और प्रयोग करने के लिए तैयार था। एक निर्माता के तौर पर यह मेरे लिए बेहद संतोषजनक रहा कि हम ऐसा माहौल बना सके, जहां हर कोई रचनात्मक जोखिम उठा सके।”
वीर दास ने कहा कि शूटिंग पूरी करना उनके लिए एक अजीब एहसास है, क्योंकि लंबे समय तक किरदारों और फिल्म की दुनिया के साथ रहने के बाद अचानक उनसे अलग होना पड़ता है। हालांकि अब फिल्म एडिट और पोस्ट-प्रोडक्शन के जरिए अपने अंतिम रूप की ओर बढ़ेगी।उन्होंने कहा कि दर्शक ‘बारा नंबर’ को पारंपरिक साइकोलॉजिकल थ्रिलर से अलग तरीके से अनुभव करेंगे। फिल्म में कहानी और किरदारों को केंद्र में रखते हुए फाउंड-फुटेज के जरिए एक तनावपूर्ण और इमर्सिव अनुभव देने की कोशिश की गयी है।
‘बारा नंबर’ वीर दास के निर्देशन करियर का दूसरा प्रोजेक्ट है। इस फिल्म के साथ वह अलग जॉनर और कहानी कहने के असामान्य फॉर्मेट के साथ अपनी फिल्म निर्माण यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं