
लखनऊ, 13 अगस्त। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) पूर्वांचल में औद्योगिक निवेश और रोजगार का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। बेहतर बुनियादी ढांचे, मजबूत कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल वातावरण के बल पर गीडा ने पिछले नौ वर्षों में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया है, जिससे 40 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी अनुज मलिक ने गुरुवार को बताया कि वर्तमान में गीडा क्षेत्र के विभिन्न उद्योगों में 50 हजार से अधिक लोग तकनीकी, कुशल और अर्धकुशल भूमिकाओं में कार्यरत हैं। इससे पूर्वांचल के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि अडानी सीमेंट प्लांट जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों में लगभग 70 प्रतिशत कार्यबल गोरखपुर मंडल और पूर्वांचल के अन्य क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने बताया कि गीडा का मौजूदा लगभग 3,600 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र लगभग पूरी तरह आवंटित हो चुका है। निवेश की बढ़ती मांग को देखते हुए प्राधिकरण ने 2,000 एकड़ का नया भूमि बैंक तैयार किया है, जिसे ‘धुरियापार औद्योगिक टाउनशिप’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।यह नया औद्योगिक क्षेत्र पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के बीच रणनीतिक रूप से स्थित है, जिससे गोरखपुर की लखनऊ सहित प्रदेश के प्रमुख बाजारों तक पहुंच और अधिक सुदृढ़ होगी। प्राधिकरण के अनुसार अडानी समूह और श्रेयस डिस्टिलरीज को नई टाउनशिप में कुल 115 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है।
गीडा में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई प्रमुख कंपनियां अपनी औद्योगिक इकाइयां संचालित कर रही हैं। इनमें गैलेंट ग्रुप, क्रेजी स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड, कोका-कोला, पेप्सिको, आईजीएल, अपोलो एपीआई स्टील ट्यूब्स और तत्व पॉलीप्लास्टिक जैसी कंपनियां शामिल हैं। इन उद्योगों की मौजूदगी से क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार सृजन को लगातार बढ़ावा मिल रहा है।निवेश प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए गीडा डिजिटल सेवाओं को भी मजबूत कर रहा है। निवेश मित्र 3.0 पोर्टल के माध्यम से निवेशकों को मंजूरियों और प्रोत्साहनों सहित 21 ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं ‘वन मैप’ पोर्टल के जरिए निवेशक उपलब्ध भूखंडों की जानकारी प्राप्त कर ई-नीलामी प्रक्रिया में भाग ले सकते हैं।
इसके अलावा ‘इन्वेस्ट यूपी’ के तहत नियुक्त उद्यमी मित्र निवेशकों के लिए सिंगल-पॉइंट फैसिलिटेशन की भूमिका निभा रहे हैं और विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निवेश संबंधी प्रक्रियाओं को आसान बना रहे हैं।अधिकारियों के अनुसार पर्याप्त भूमि उपलब्धता, बेहतर संपर्क मार्गों, बड़े उद्योगों की मौजूदगी और डिजिटल निवेश सुविधाओं के कारण गीडा अब गोरखपुर और पूरे पूर्वांचल को विनिर्माण, रोजगार तथा सतत औद्योगिक विकास के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।