सनातनी हूं तो गर्व से कहता हूं कि हिंदू हूं:शिव प्रताप शुक्ल

सनातनी हूं तो गर्व से कहता हूं कि हिंदू हूं:शिव प्रताप शुक्ल

रायबरेली 09 सितंबर ! हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिवप्रताप शुक्ला ने कहा कि सनातनी होने के नाते गर्व से कहता हूं कि मैं  हिन्दू हूँ और शिवाजी की वीरता पर व्याख्यान करते हुए कहा कि हम लोगों  हिन्दुकुल के गौरव का नाटक जरूर देखना चाहिये।
        दिव्य प्रेम सेवा मिशन की अवध अंचल शाखा की तरफ से आयोजित व्याख्यान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल ने कहा “ हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य की देवभूमि को मैं आगे बढ़ाने का काम करूंगा।” शिवाजी के बारे में कहा “ उनके इतिहास को सभी को याद करते हुए कंठस्थ करना चाहिए और इसका काम महानाटक से बेहतर और कौन हो सकता है। 26 से 31 अक्टूबर के बीच में हिंदुत्व की शान बढ़ाने के लिए होने जा रहे महानाट्य “जाणता राजा” को भी लोग जरूर देखने जाएं। इससे हम लोग हिन्दवी स्वराज को जान सकेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में हम लोग विवेकानंद को देख नहीं सकते हैं लेकिन उनके जैसा ही काम करने वाले दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम के मिशन को जरूर आगे बढ़ा सकते हैं। ”
      देश और दुनिया में समाजसेवा के जरिए लोगों का कल्याण कर रहे दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम ने कहा कि रोमैया रोनाल्ड ने एक बार रवींद्र नाथ टैगोर से पूछा को कैसे समझा जाएं, तो रवींद्रनाथ टैगोर ने कहा कि अगर इसको समझना है तो हमें रामकृष्ण परमहंस और विवेकानंद जी को समझना चाहिए। अगर इन्हें भी न समझ सकें तो हमें दिव्य प्रेम सेवा मिशन की सेवा को समझना चाहिए। जिस प्रकार आत्मा का शरीर से सम्बन्ध है, उसी प्रकार दुनिया का सम्बंध भारत से है। सनातन को समाप्त करने आया रोम मिट गया और दुनिया के धुरंधर मिट गए, लेकिन सनातन आज भी जिंदा है। आज से 350 वर्ष पहले हिन्द स्वराज की स्थापना शिवाजी ने की थी, उसका ही नतीजा है कि आज हिंदुस्तान जिंदा है। सनातन धर्म श्रेष्ठ है और कल भी रहेगा।
  
     बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने छत्रपति शिवाजी के बारे में विस्तृत रूप से व्याख्यान किया। उन्होंने कहा कि शिवाजी ने जाति और धर्म हो मिटाकर अपनी सेना में सबको शामिल किया था। जब अफजल खान ने धोखे से शिवाजी को मारने की रणनीति बनाई थी, उस समय उनके दलित रक्षक जीवा ने ही उनकी जान बचाई थी।  जिस अफजल खान की समाधि शिवाजी ने गद्दारों की पहचान के रूप में कराई थी, उसी का मजार सौंदर्यकर्ण शिवसेना ने वर्ष 2021 में कराया है। जबकि पूरी शिव सेना का गठन ही शिवाजी के चरित्र को लेकर हुआ है।
        महानाटक ‘जाणताराजा’ के बारे में उन्होंने बताया कि विश्व का सबसे बड़ा महानाट्य भारत के गौरवशाली अतीत का मंचन भगवान लक्ष्मण की नगरी लखनऊ में होने जा रहा है। इतिहासकार बाबा साहेब पुरंदरे ने मराठी भाषा में 1985 में इस नाटक को शुरू किया था। इस नाटक का मंचन अमेरिका और इंग्लैण्ड सहित दुनियाभर के 1,300 से ज्यादा मंचन हो चुका है। चार मंजिला रंगमंच में 250 से ज्यादा कलाकार और घोड़े पर सवार सैन्यबल हमारे भीतर छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन चरित्र को उतारते चले जाते हैं।
         उन्होंने कहा कि सनातन में ही इतनी ताकत है कि आज पूरा विश्व भारत का गुणगान कर रहा है। आज जब भारत में जी-20 का सम्मेलन हो रहा है तो दुनिया हमें सबसे बड़ी ताकत के रूप में देख रही है।
इस दौरान महानाटक ‘जाणताराजा’ की एक झलक दिखाई गई। कार्यक्रम संयोजक दिनेश सिंह राठौर ने मंच का संचालन किया।
        इस मौके राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, विधायक अशोक कोरी, अदिति सिंह, राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त वीरेंद्र तिवारी, बीजेपी अध्यक्ष रामदेव पाल, महिला विंग की अध्यक्ष श्रद्धा सिंह, अवध अंचल के सहसंयोजक रणविजय सिंह, हर्षवर्धन सिंह, विजय रस्तोगी, अखंड प्रताप सिंह, आरबी वैश्य, नरेंद्र प्रधान, बबलू प्रधान आदि लोग मौजूद रहे।

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