
प्रयागराज,16 अगस्त । वंदे मातरम्’ को लेकर चल रहे विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने आज रविवार को अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए भाजपा पर पलटवार किया है।उन्होंने आरोप लगाया कि जब सत्ता पक्ष अपनी नीतियों और कामकाज को लेकर घिरता है, तो वह राष्ट्रगान, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगीत जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों को मुद्दा बनाकर विवाद खड़ा करने की कोशिश करता है।
बता दे रविवार को प्रयागराज में अपने आवास पर प्रमोद तिवारी ने बयान जारी कर राज्यसभा के सत्रावसान के दिन का जिक्र करते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का बचाव किया। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त से पहले राज्यसभा में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ था। इस दौरान सोनिया गांधी उनके ठीक बगल में बैठी थीं और उन्होंने पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रगीत के हर स्वर में अपनी आवाज मिलाई थी।श्री तिवारी ने कहा कि संसद के कैमरे इस पूरे घटनाक्रम का गवाह हैं और इसकी रिकॉर्डिंग देश के सामने है।तिवारी ने बताया कि सदन की कार्यवाही खत्म होने के बाद उपराष्ट्रपति और राज्यसभा सभापति के साथ शिष्टाचार भेंट हुई थी। इसमें करीब 30 से 40 नेता मौजूद थे। उनके मुताबिक, इसी दौरान सोनिया गांधी ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की तारीफ करते हुए कहा था कि उन्होंने भी राष्ट्रगीत के दौरान साथ में गाया।
प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर देशभक्ति के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है। स्वतंत्रता आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तिरंगा लेकर अंग्रेजों की लाठियां और गोलियां झेलीं और देश की आजादी के लिए बलिदान दिया।उन्होंने भाजपा और आरएस एस की विचारधारा पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि आजादी के आंदोलन के दौरान कुछ लोगों ने अंग्रेजों का विरोध करने के बजाय उन्हें पत्र लिखे और भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया।तिवारी ने कहा कि विपक्ष के सवालों और विरोध से घबराकर सत्ता पक्ष राष्ट्रीय प्रतीकों को विवाद का विषय बना रहा है। उन्होंने भाजपा से कहा कि कांग्रेस को देशभक्ति और राष्ट्रगीत का पाठ पढ़ाने के बजाय अपने कामकाज पर ध्यान देना चाहिए।