
वाराणसी, 17 अगस्त । उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने सोमवार को कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की अमर आवाज और राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति का प्रमाण पत्र बांटने वालों को पहले अपना इतिहास भी देखना चाहिए।लहुराबीर स्थित अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी, बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय और रवींद्रनाथ टैगोर को पुष्पांजलि अर्पित की तथा सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया। इस अवसर पर श्री राय ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा, स्वाभिमान और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रारंभिक अधिवेशनों से ही यह गीत राष्ट्रीय चेतना का माध्यम बना और वर्ष 1905 के स्वदेशी आंदोलन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यदि संगठन ‘वंदे मातरम्’ को लेकर इतना आग्रह रखता है तो उसे अपने पदसंचलनों और सभी कार्यक्रमों में इसका सामूहिक गायन अनिवार्य करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को राष्ट्रभक्ति का पाठ पढ़ाने से पहले आरएसएस को स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भूमिका पर भी आत्ममंथन करना चाहिए।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास भारत के स्वतंत्रता संग्राम और आधुनिक राष्ट्र निर्माण से जुड़ा रहा है। महात्मा गांधी के नेतृत्व में असहयोग, सविनय अवज्ञा और भारत छोड़ो आंदोलन के माध्यम से अंग्रेजी शासन को चुनौती दी गई थी।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल नारों से नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र, तिरंगे और देश की एकता एवं अखंडता के प्रति समर्पण से सिद्ध होती है।कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देश की एकता, अखंडता, संविधान और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत की रक्षा का संकल्प लिया।