
मुंबई, 18 अगस्त। विदेशों में भारतीय कंपनियों द्वारा किया गया प्रत्यक्ष निवेश जुलाई में सालाना आधार पर करीब 17 प्रतिशत बढ़कर 570 करोड़ डॉलर (54,492 करोड़ रुपये) के पार पहुंच गया।रिजर्व बैंक द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में भारतीय निवेशकों ने विदेशों में 570.54 करोड़ डॉलर का निवेश किया। यह पिछले साल जुलाई की तुलना में 16.74 प्रतिशत और इस साल जून के मुकाबले 81.18 प्रतिशत अधिक है।
आंकड़ों के अनुसार, विदेशी इक्विटी में भारतीय निवेशकों ने कम रुचि दिखाई जबकि ऋण और जारी गारंटी में उन्होंने ज्यादा पैसा लगाया। इक्विटी में भारतीयों का प्रत्यक्ष निवेश सालाना 2.81 फीसदी घटकर 201.94 करोड़ डॉलर रह गया। माह-दर-माह इसमें 160 प्रतिशत का उछाल देखा गया।भारतीयों ने ऋण पत्रों में जमकर निवेश किया। इस उपकरण में उनका शुद्ध निवेश 87.62 करोड़ डॉलर रहा। यह एक साल पहले के मुकाबले 102.52 प्रतिशत अधिक है।
जारी गारंटी में निवेश सालाना 18.21 फीसदी बढ़कर 280.98 करोड़ डॉलर पर पहुंच गया। इस साल जून में इसमें 57 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी है।क्वेस्ट ग्लोबल एनर्जी सर्विसेज ने सिंगापुर स्थित अपनी ही इकाई क्वेस्ट ग्लोबर एनर्जी सॉल्यूशंस में 134.60 करोड़ डॉलर का निवेश किया। यह जुलाई में किसी भारतीय कंपनी द्वारा देश से बाहर किया गया सबसे बड़ा निवेश रहा।
शीर्ष पांच की अन्य कंपनियों में इनवेंचुरस नॉलेज सॉल्यूशंस लिमिटेड ने अमेरिका स्थित अपनी ही इकाई इनवेंचुरस नॉलेज सॉल्यूशंस इंक में 60.38 करोड़ डॉलर लगाये। कॉन्टिनम ग्रीन एनर्जी ने अपनी इकाई सीजीई ट्रेजरी आईएफएससी में 49.52 करोड़ डॉलर का निवेश किया।ओएनजीसी विदेश ने ओएनजीसी विदेश सिंगापुर में 40.68 करोड़ डॉलर का और टाटा पावर ने सिंगापुर की भीरा इनवेस्टमेंट में 39.09 करोड़ डॉलर लगाये।