
लखनऊ, 22 अगस्त। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को प्रदेश में चीनी की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए आमजन को आश्वस्त किया कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि पर्याप्त मात्रा में चीनी उपलब्ध है, इसलिए नागरिकों को किसी भी तरह से परेशान होने की जरूरत नहीं है।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को चीनी की कालाबाजारी, जमाखोरी और कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख कुंतल चीनी का भंडार उपलब्ध है। इसमें सहकारी चीनी मिलों में 23.60 लाख कुंतल, निगम की चीनी मिलों में 5.28 लाख कुंतल और निजी चीनी मिलों में 150.50 लाख कुंतल चीनी शामिल है। इसके अलावा जून और जुलाई में चीनी मिलों ने करीब 235 लाख कुंतल चीनी की बिक्री की है, जिसमें अधिकांश चीनी अभी खुले बाजार में उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर चीनी मिलों का संचालन 15 अक्टूबर से शुरू कराया जाए। उन्होंने कहा कि बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमत पर लगातार नजर रखी जाए, ताकि किसी भी स्तर पर कृत्रिम कमी या अनावश्यक मूल्यवृद्धि न हो।योगी आदित्यनाथ ने आमजन से अपील की कि चीनी की कमी को लेकर भ्रम फैलाने वालों से सावधान रहें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कालाबाजारी और भ्रामक सूचनाएं फैलाने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने भारत सरकार के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के भी निर्देश दिए। इसके तहत कोई डीलर 30 दिन से अधिक का चीनी भंडार नहीं रख सकेगा और एक समय में 400 टन से अधिक स्टॉक नहीं रख सकता। वहीं, प्रतिमाह 10 मीट्रिक टन चीनी की खपत करने वाले बड़े उपभोक्ता 15 दिन से अधिक का भंडार नहीं रख सकेंगे। चीनी मिलें भी अपने मासिक कोटे के तहत बेची गई चीनी को बिक्री की तारीख से सात दिन से अधिक समय तक गोदाम में नहीं रोकेंगी।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में पंजीकृत चीनी मिलों, थोक एवं फुटकर विक्रेताओं के गोदामों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपलब्ध स्टॉक की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट प्राप्त की जाए और निर्धारित सीमा से अधिक भंडारण अथवा जमाखोरी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाए।बैठक में बताया गया कि पेराई सत्र 2026-27 में 28.14 लाख हेक्टेयर गन्ना क्षेत्रफल संभावित है और इससे करीब 90 लाख टन चीनी उत्पादन होने की संभावना है। प्रदेश में प्रतिमाह अनुमानित चीनी खपत लगभग चार लाख टन है, वहीं पेराई सत्र 2025-26 में 48 लाख किसानों को 32,554 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने चीनी की उपलब्धता के साथ किसानों के हितों को भी प्राथमिकता देने और भुगतान व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए।