टेस्ट क्रिकेट के भले के लिए सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों का तीनों फ़ॉर्मैट में खेलना ज़रूरी : द्रविड़

टेस्ट क्रिकेट के भले के लिए सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों का तीनों फ़ॉर्मैट में खेलना ज़रूरी : द्रविड़

नयी दिल्ली, 22 अगस्त । पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाते समय एक सही संतुलन बनाए रखना बहुत ज़रूरी है। 15 साल के इस युवा खिलाड़ी को व्हाइट-बॉल क्रिकेट में खेलने और अनुभव हासिल करने के पर्याप्त मौक़े मिलने चाहिए, लेकिन साथ ही रेड-बॉल क्रिकेट को भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए।

डबलिन में ईटीपीएल के लॉन्च के मौक़े पर क्रिकइंफो से बात करते हुए द्रविड़ ने कहा, “मुझे लगता है कि आपको हमेशा इस संतुलन को बनाए रखना पड़ता है। यह बहुत अच्छी बात है कि सूर्यवंशी को भारत में आईपीएल के ज़रिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है। लेकिन इसके साथ-साथ उसे भारतीय घरेलू क्रिकेट में वापस जाकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और अपने रेड-बॉल करियर को आगे बढ़ाने का समय भी मिल रहा है।”

उन्होंने कहा, “हम सभी चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट ज़िंदा रहे, टेस्ट क्रिकेट आगे बढ़े और इसके लिए हमें सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की ज़रूरत है, जो उम्मीद है कि खेल के सभी फ़ॉर्मेट में खेल सकें।”

अब इस संतुलन की असली परीक्षा सूर्यवंशी के सामने है। नया घरेलू सीज़न दलीप ट्रॉफ़ी से शुरू हो रहा है और वह इस ज़ोनल रेड-बॉल टूर्नामेंट में खेलते हुए दिखाई देंगे। द्रविड़ ने आईपीएल 2025 में राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के साथ काम करते हुए सूर्यवंशी को क़रीब से देखा है। उनका मानना है कि लगातार कुछ रेड-बॉल मैच खेलने का मौक़ा इस 15 साल के खिलाड़ी के लिए ख़ास तौर पर बहुत फ़ायदेमंद होगा, क्योंकि अभी तक उसे इस फ़ॉर्मेट में लगातार खेलने का ज़्यादा अवसर नहीं मिला है।

“अच्छी बात यह है कि अब सूर्यवंशी को रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौक़ा भी मिलेगा। उसने शायद व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तुलना में उतना रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेला है। वह अभी सिर्फ़ 15 साल का है और आपको उसे थोड़ा समय देना होगा। आपको उसके साथ धैर्य रखना होगा। वह शुरुआत में ही इतनी बड़ी क़ामयाबी हासिल कर चुका है, लेकिन आगे उसके करियर में अच्छे और बुरे दोनों दौर आएंगे। इसलिए लोगों को उसके साथ धैर्य रखना होगा।”

सूर्यवंशी ने अभी तक सिर्फ़ आठ फ़र्स्ट-क्लास मैच खेले हैं, जिसमें उनकी औसत 17.25 की रही है। हालांकि, इन मैचों को भी ऐसे समय में खेला गया जब वह भारत की अंडर-19 टीम में जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे। इसी वजह से उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट में लगातार खेलने का मौक़ा नहीं मिल पाया। इसी लिहाज़ से दलीप ट्रॉफ़ी सूर्यवंशी के लिए बेहद अहम हो सकती है। ईस्ट ज़ोन अगर फ़ाइनल तक पहुंचता है तो उन्हें लगातार दो और संभवतः तीन रेड-बॉल मैच खेलने का मौक़ा मिल सकता है।

इसके बाद सितंबर में भारत ए की मेज़बानी में ऑस्ट्रेलिया ए के ख़िलाफ़ होने वाले दो अनऑफ़िशियल टेस्ट मैचों में भी उन्हें दो और मौक़े मिल सकते हैं।द्रविड़ ने सावधान करते हुए कहा, “मुझे लगता है कि उसे क़ामयाबी मिलेगी, लेकिन ऐसे दौर भी आएंगे जब चीज़ें उसके लिए अच्छी तरह काम नहीं करेंगी। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि वह अभी सिर्फ़ 15 साल का है और उसके सामने अभी बहुत लंबा सफ़र है।”उन्होंने आगे कहा, “इसलिए अगर सूर्यवंशी दुनिया भर की टी 20 प्रतियोगिताओं में खेलने के बजाय भारतीय घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट खेल रहा है, तो यह अच्छी बात है। वह आगे बढ़ रहा है और रेड-बॉल क्रिकेट में अपने कौशल को बेहतर कर रहा है।”

द्रविड़ को उम्मीद है कि अगर सूर्यवंशी ने रेड-बॉल क्रिकेट में भी वैसा ही अच्छा प्रदर्शन किया, जैसा उन्होंने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में किया है, तो एक दिन वह भारतीय टेस्ट टीम का हिस्सा भी बन सकते हैं। उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि किसी दिन अगर वह अच्छा प्रदर्शन करता है और व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तरह रेड-बॉल क्रिकेट में भी अच्छा करता है, तो वह भारत के लिए रेड-बॉल खिलाड़ी बन सकता है। और अगर ऐसा होता है, तो यह पूरी क्रिकेट दुनिया के लिए भी शानदार होगा।”

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