
फर्रुखाबाद 23 अगस्त। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में गंगा रविवार को खतरे के निशान से मात्र पांच सेंटीमीटर नीचे बहने से 63 गांव जलमग्न हो गए है।यह जानकारी आज सरकारी प्रवक्ता ने दी। उन्होंने बताया कि फर्रुखाबाद जिले के कादरी गेट थाना क्षेत्र स्थित गंगा पांचाल घाट पर प्रातः 8:00 बजे गंगा नदी ने चेतावनी बिंदु 136.60मी0 से ऊपर और खतरे के निशान 137.10 मीटर से, केवल पांच सेंटीमीटर नीचे बहना शुरू कर दिया है जिसके फल स्वरुप को गंगा क्षेत्र के तटवर्ती सभी सभी मार्ग जलमग्न हो गए तथा भीषण बाढ़ से 63 गांव प्रभावित हो गए हैं। नरौरा बैराज से 128716 क्यूसेक जल छोड़ गया है। जबकि जिले की रामगंगा नदी चेतावनी बिंदु से 65 सेमी नीचे बह रही है।
प्रवक्ता ने बताया कि इधर गंगा में भीषण बाढ़ से गांव शेरपुरा सराय मजरा कुंडपुरा तथा तौफीक मडैय्या मे शुरू मकानों के कटान से गंगा में समा जाने के क्रम को रोकने का कार्य शुरू कर दिया गया है। यहां भीषण बाढ़ के प्रकोप से जिले के सदर तहसील के 12 गांव, कायमगंज तहसील के 21 गांव तथा अमृतपुर तहसील के 30 गांव समेत कल 63 गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। जिले में 24 स्थापित अस्थाई बाढ़ शरण स्थलों में 661 बाढ़ प्रवासियों को सभी प्रकार की सुविधाएं , निशुल्क भोजन आदि उपलब्ध कराया जा रहा है इसके अलावा 52 बाढ़ चौकिया संचालित हैं जिन पर कर्मचारियों के तैनाती की गई है।प्रवक्ता ने बताया कि जिले में अब तक बाढ़ प्रभावित 12734 परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरण किए गए। इसके अलावा 21 परिवारों को पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए 25,20000 की धनराशि वितरण की गई तथा 25 बाढ़ प्रभावित परिवारों को रहने के लिए 80 वर्ग मीटर की भूमि का पट्टा उपलब्ध कराया गया। इसके साथ ही जिले के सभी बाढ शरणालयों रह रहे बच्चों की शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए नियमित कक्षाएं संचालित कराई गई है।