यूपी-जापान संवाद को नई गति, निवेश के साथ एआई ने भी जोड़ी साझेदारी की कड़ी

यूपी-जापान संवाद को नई गति, निवेश के साथ एआई ने भी जोड़ी साझेदारी की कड़ी

लखनऊ, 24 अगस्त। उत्तर प्रदेश और जापान के बीच लगातार बढ़ते संवाद से निवेश और पर्यटन के क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जापानी कंपनियों के निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इन्वेस्ट यूपी और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने पर जोर देते हुए इन्वेस्ट यूपी में अलग से ‘यामानाशी जापान डेस्क’ स्थापित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने जापानी सिटी के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जापान के विभिन्न शहरों में आयोजित होने वाले वैश्विक आयोजनों में उत्तर प्रदेश की ओर से प्रतिनिधिमंडल भेजे जाएं। इन प्रतिनिधिमंडलों में मंत्री, अधिकारी, विशेषज्ञ और उद्योगपतियों को शामिल किया जाए, ताकि निवेश, औद्योगिक सहयोग और पर्यटन की संभावनाओं को और विस्तार दिया जा सके।

इसी बीच यूपी-जापान निवेश सम्मेलन 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित बहुभाषी प्लेटफॉर्म ‘भाषिणी’ ने भारत और जापान के निवेशकों तथा हितधारकों के बीच भाषा की बाधा को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन्वेस्ट यूपी ने भारत सरकार के एआई-संचालित बहुभाषी प्लेटफॉर्म भाषिणी के साथ तकनीकी सहयोग के तहत सम्मेलन में हिंदी, अंग्रेजी और जापानी भाषाओं के बीच रियल-टाइम स्पीच-टू-टेक्स्ट और अनुवाद की सुविधा उपलब्ध कराई।

सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हिंदी संबोधन का ‘भाषिणी’ के ‘श्रुतलेख’ फीचर के माध्यम से तत्काल ट्रांसक्रिप्शन और जापानी भाषा में अनुवाद किया गया। इसी प्रकार केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अंग्रेजी संबोधन का भी जापानी भाषा में त्वरित अनुवाद किया गया। इससे दोनों देशों के प्रतिनिधियों के लिए अपनी-अपनी भाषा में संवाद और विचारों को समझना आसान हुआ।

निवेश संवाद में तकनीक की अहम भूमिका

उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में तकनीक और नवाचार का इस्तेमाल बढ़ा रही है। यूपी-जापान निवेश सम्मेलन में विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, नवाचार, कौशल विकास और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

‘भाषिणी’ के रियल-टाइम अनुवाद ने इन चर्चाओं में भाषा की बाधा को कम करते हुए निवेशकों के साथ संवाद को अधिक सहज बनाया। इससे उत्तर प्रदेश की निवेश नीतियों, औद्योगिक अवसरों और संभावनाओं को जापानी निवेशकों तक उनकी अपनी भाषा में पहुंचाने में मदद मिली।

800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों पर बहुभाषी सुविधा

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (डीआईबीडी) द्वारा संचालित भाषिणी प्लेटफॉर्म वर्तमान में 800 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को बहुभाषी सुविधा प्रदान कर रहा है। प्लेटफॉर्म प्रतिदिन 2.4 करोड़ से अधिक एआई इंटरफेस प्रोसेस करता है और अब तक नौ अरब से अधिक एआई इंटरफेस प्रोसेस कर चुका है।

भाषिणी 36 भारतीय लिखित भाषाओं, 23 भारतीय वॉयस भाषाओं और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। यूपी-जापान निवेश सम्मेलन में इसका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय निवेश संवाद में डिजिटल तकनीक के बढ़ते महत्व को भी रेखांकित करता है।

उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निवेश एवं औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के प्रयासों के बीच ‘भाषिणी’ का प्रयोग यह संकेत देता है कि राज्य सरकार निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ तकनीक, नवाचार और डिजिटल संचार को भी अपनी वैश्विक निवेश रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रही है

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