
लखनऊ, 25 अगस्त । उत्तर प्रदेश शुगर मिल्स एसोसिएशन (यूपीएसएमए) ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लिए चीनी के डायवर्जन किए जाने और इसके चलते देश में चीनी की कमी तथा हाल में कीमतों में हुई बढ़ोतरी के लिए चीनी उद्योग को जिम्मेदार ठहराने वाले दावों को पूरी तरह खारिज किया है।एसोसिएशन के महासचिव दीपक गुप्तारा की तरफ़ से एक बयान जारी कर कहा गया है कि ये दावे तथ्यों से परे हैं। पिछले कुछ वर्षों में एथेनॉल उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाली चीनी की मात्रा में कमी ही आई है। साथ ही उत्तर प्रदेश देश में एथेनॉल का सबसे बड़ा सप्लायर है।
एसोसिएशन ने कहा कि चीनी की बढ़ती खुदरा कीमतों के बीच बाजार में उपलब्धता और घरेलू आपूर्ति को लेकर मीडिया में सामने आ रही खबरों तथा उपभोक्ताओं की चिंताओं को दूर करना जरूरी है।यूपीएसएमए के अनुसार उसकी सभी सदस्य चीनी मिलों के पास पर्याप्त मात्रा में चीनी का भंडार मौजूद है और मिल स्तर पर चीनी की कोई कमी नहीं है। यूपीएसएमए ने चीनी की कमी की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि हालिया कीमतों में उतार-चढ़ाव के लिए अनावश्यक जमाखोरी को जिम्मेदार माना जाना चाहिए।
एसोसिएशन के मुताबिक प्रदेशभर की चीनी मिलों के पास त्योहारों के मौसम और रोजमर्रा की घरेलू खपत की जरूरतों को आसानी से पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी का भंडार उपलब्ध है।एसोसिएशन ने बताया कि वह राज्य और केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और मांग तथा सरकार की नीतिगत जरूरतों के अनुरूप समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में सरकार चीनी की कीमतों की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही है तथा जमाखोरी और गलत जानकारी फैलाकर मौजूदा स्थिति का गलत फायदा उठाने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ उचित कार्रवाई कर रही है।एसोसिएशन ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में चीनी का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। प्रदेश में कुल 121 चीनी मिलें हैं, जिनमें 95 निजी क्षेत्र की हैं। ये मिलें सामूहिक रूप से घरेलू चीनी आपूर्ति की महत्वपूर्ण रीढ़ हैं।
यूपीएसएमए ने अपनी सभी सदस्य मिलों से पर्याप्त चीनी स्टॉक बनाए रखने तथा भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा मासिक आधार पर जारी चीनी बिक्री कोटे के अनुसार ही बाजार में आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा है।एसोसिएशन ने चीनी की संभावित कमी की चर्चाओं को ‘मनगढ़ंत अफवाह’ करार देते हुए उपभोक्ताओं और मीडिया से गलत सूचनाओं पर विश्वास नहीं करने की अपील की।
एसोसिएशन ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्णयों, नियामकीय ढांचे और उद्योग तथा प्रदेश सरकार के प्रवर्तन अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय के जरिए बाजार में चीनी की स्थिरता और निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने के लिए उद्योग प्रतिबद्ध है।