एक्सीलेंस की परिभाषा नहीं जानता,सुधार पर रहता है जोर: विराट

एक्सीलेंस की परिभाषा नहीं जानता,सुधार पर रहता है जोर: विराट

कोलंबो 10 सितंबर। वैश्विक क्रिकेट में मौजूदा दौर के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में एक भारत केे पूर्व कप्तान विराट कोहली ने एक दिवसीय क्रिकेट को खिलाड़ियों के टेस्ट का उत्कृष्ट मंच करार देते हुये कहा कि उन्हे एक्सीलेंस यानी उत्कृष्टता की परिभाषा का ज्ञान नहीं है और वह मैच दर मैच क्रिकेट में नयी चीजों को सीखने और उनसे अपने खेल में सुधार (बेटरमेंट) पर ध्यान देना पसंद करते हैं।
       विराट ने एक साक्षात्कार में क्रिकेट जीवन के बारे में अपने विचार साझा करते हुये कहा “ मुझे नहीं पता कि एक्सीलेंस किसे कहते है,इसकी परिभाषा मुझे नहीं पता मगर मै अपने खेल में सुधार (बेटरमैंट) पर हर समय ध्यान देना पसंद करता हूं। वनडे क्रिकेट किसी भी खिलाड़ी का टेस्ट लेने का उत्कृष्ट मंच है। एक दिवसीय क्रिकेट में आप हर गेंद पर चौके छक्के नहीं लगा सकते हो।”
      मैच से पहले प्रैक्टिस सेशन को लेकर पूछे गये सवाल पर उन्होने कहा “ मैच की पूर्व संध्या पर मै प्रैक्टिस सेशन में तभी हिस्सा लेता हूं जब मुझे पता होता है कि मुझे अपने खेल के किस पहलू पर फोकस करना है और उसके लिये प्रैक्टिस की जरूरत है और यदि मुझे जरूरत नहीं है तो मै अपने शारीरिक और मानसिक आराम पर ध्यान देना पसंद करता हूं।”
     पाकिस्तान को मजबूत प्रतिद्वंदी बताते हुये भारत के स्टार बल्लेबाज ने कहा “ निसंदेह पाकिस्तान एक मजबूत टीम है जिसे उनका मजबूत गेंदबाजी पक्ष अधिक चुनौतीपूर्ण बनाता है। पाकिस्तान जैसी टीम के साथ मैच खेलना भारतीय खिलाडियों के खेल में निखार ला सकता है।

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