
नयी दिल्ली, 25 अगस्त। आतंकवाद रोधी अभियानों में महिलाओं की भागीदारी बढाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) अब महिला कमांडो का दस्ता तैयार कर रहा है।एनएसजी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर यह जानकारी देते हुए कहा है कि उसके हरियाणा के मानेसर स्थित प्रशिक्षण अकादमी में पहला महिला कमांडो कनवर्जन कोर्स शुरू हो गया है जिसमें महिलाओं को कमांडो का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बारह सप्ताह के इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की महिला कर्मियों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य उन्हें उन्नत संचालन प्रशिक्षण प्रदान करना और उनके संबंधित संगठनों में विशेष दायित्वों के लिए तैयार करना है।
इस पाठ्यक्रम में व्यावहारिक युद्धक तैयारी पर विशेष जोर दिया गया है। प्रतिभागियों को गहन शारीरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ हथियार चलाने, निशानेबाजी, सामरिक कार्रवाई, बंधक बचाव तथा आतंकवाद-रोधी अभियानों से जुड़े अन्य विशेष क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।एनएसजी ने कहा है कि इस पहल का उद्देश्य ऐसी महिला कर्मियों का एक बड़ा समूह तैयार करना है, जो चुनौतीपूर्ण परिचालन दायित्वों को निभाने में सक्षम हों। साथ ही, इससे विभिन्न सुरक्षा बलों के बीच समन्वय और साझा पेशेवर मानकों को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक व्यापक संस्थागत लक्ष्य भी है। पाठ्यक्रम पूरा करने वाली महिला कर्मी अपने मूल बलों में वापस जाकर विशेष कौशल और परिचालन अनुभव का उपयोग करेंगी। इससे वे अपने-अपने संगठनों में तैयारी और क्षमता निर्माण में योगदान दे सकेंगी।एनएसजी के अनुसार, इस दृष्टिकोण से विशेष आतंकवाद-रोधी क्षमताओं को देश के सुरक्षा तंत्र में अधिक व्यापक रूप से उपलब्ध कराया जा सकेगा, बजाय इसके कि ऐसी विशेषज्ञता केवल कुछ सीमित इकाइयों तक केंद्रित रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया है जिससे महिला कमांडो न केवल शारीरिक रूप से सुदृढ़, बल्कि तकनीकी रूप से दक्ष हों और जटिल सुरक्षा परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य करने में सक्षम हों। इसलिए पाठ्यक्रम में शारीरिक सहनशक्ति के साथ हथियार चलाने में दक्षता, सामरिक कौशल और विशेष कार्रवाई तकनीकों को शामिल किया गया है।इस पहल को ‘नारी शक्ति’ के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताते हुए एनएसजी ने कहा है कि यह कार्यक्रम सुरक्षा संबंधी दायित्वों में महिलाओं की संख्या बढ़ाने मात्र के बजाय उनकी परिचालन क्षमताओं को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा करते हुए एनएसजी ने कहा, “जो जोखिम उठाने का साहस करती है, वही नेतृत्व करती है। नारी शक्ति में एक नया मील का पत्थर।” यह पहल महिलाओं को अधिक चुनौतीपूर्ण दायित्व संभालने और बदलती आतंकवाद-रोधी चुनौतियों से निपटने में देश की क्षमता में निर्णायक योगदान देने के लिए सशक्त बनाएगी।