भाजपा ने ‘बी’ छोड़कर ‘जेपी’ बेच दिया, सरकार में आने पर होगी जांच : अखिलेश

भाजपा ने ‘बी’ छोड़कर ‘जेपी’ बेच दिया, सरकार में आने पर होगी जांच : अखिलेश

लखनऊ, 27 अगस्त। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय केंद्र (जेपीएनआईसी) को 30 वर्ष के लिए लीज पर दिए जाने के फैसले को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने गठन के समय पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ जय प्रकाश नारायण की तस्वीर लगाई थी, लेकिन अब उसी ‘जेपी’ को बेच दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो एक रुपये अधिक ले ले, लेकिन जेपीएनआईसी उन्हें दे दे।

सपा के प्रदेश मुख्यालय में गुरुवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन से पहले अखिलेश यादव ने रक्षाबंधन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। लोहिया सभागार में बड़ी संख्या में महिलाओं ने उन्हें राखी बांधी और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं। अखिलेश ने महिलाओं को शगुन का लिफाफा देकर बधाई दी।जेपीएनआईसी को लेकर उन्होंने कहा कि इसका निर्माण समाजवादी पार्टी की सरकार ने कराया था। यदि भाजपा सरकार को लगता था कि इसमें कोई कमी या भ्रष्टाचार है तो उसे पिछले दस वर्षों में जांच करानी चाहिए थी।

उन्होंने कहा कि जिस ठेकेदार ने काम किया, उसे पूरा भुगतान करने के साथ यह भी लिखवा लिया गया कि वह भविष्य में कोई मुकदमा नहीं करेगा। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि जनता के पैसे से बनाई गई संपत्तियों को निजी हाथों में दिया जा रहा है। उन्होंने किसान बाजार का जिक्र करते हुए कहा कि उसे भी अपने लोगों को बेच दिया गया। उन्होंने प्लासियो मॉल को 428.17 करोड़ रुपये में बेचने और जेपीएनआईसी को 831 करोड़ रुपये में दिए जाने का दावा किया।उन्होंने कहा कि जनेश्वर मिश्र पार्क में भी निजी हाथों को गतिविधियों के लिए जगह दी गई है। सवाल यह है कि जनता के पैसे का लाभ आखिर किसे दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली का बड़ा इंजन बड़ा बेच रहा है और छोटा वाला छोटा बेच रहा है।’’

सपा अध्यक्ष ने कहा कि सत्ता में आने पर उन अधिकारियों की जांच कराई जाएगी, जिन्होंने कथित तौर पर बड़े घोटाले किए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें एक अधिकारी ऐसे भी हैं जो गोरखपुर में मुख्य विकास अधिकारी रह चुके हैं।अखिलेश ने आरोप लगाया कि गरीबों का पैसा अमीरों की तिजोरी में जा रहा है और प्रदेश में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

उन्होंने एक वास्तुकार का जिक्र करते हुए कहा कि जिस वास्तुकार को जांच के दायरे में लाने और काली सूची में डालने की तैयारी थी, उसे बाद में नयी दिल्ली में रेलवे स्टेशन बनाने का काम दे दिया गया। उन्होंने कहा कि इन मामलों की जांच कराकर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

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