प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा, बाढ़ का खतरा बढ़ा

प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा, बाढ़ का खतरा बढ़ा

प्रयागराज, 31 अगस्त । उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में गंगा और यमुना के लगातार बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है। सोमवार सुबह आठ बजे तक गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 82.62 मीटर और छतनाग में 81.68 मीटर पहुंच गया, जबकि यमुना का जलस्तर नैनी में 82.20 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 84.734 मीटर है।फाफामऊ में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 2.11 मीटर नीचे है। पिछले 24 घंटे में यहां जलस्तर में सबसे अधिक 106 सेंटीमीटर यानी 1.06 मीटर की वृद्धि दर्ज की गई। इसी अवधि में छतनाग में 63 सेंटीमीटर, नैनी में 67 सेंटीमीटर और एसटीपी बक्शी बांध पर 52 सेंटीमीटर जलस्तर बढ़ा है। इस दौरान फाफामऊ में 14.6 मिलीमीटर, छतनाग में 20 मिलीमीटर और नैनी में 30.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। प्रशासन के मुताबिक फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित हैं।

जलस्तर बढ़ने का असर अब शहर के निचले इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। छोटा बघाड़ा, बड़ा बघाड़ा, राजापुर और रसूलाबाद समेत कई इलाकों में पानी घरों के बाहर तक पहुंच गया है। राजापुर में कई घरों के रास्ते जलमग्न हो गए हैं। वहीं बघाड़ा और छोटा बघाड़ा में रहने वाले छात्र भी बढ़ते पानी को लेकर सतर्क हो गए हैं। स्थानीय लोगों को आशंका है कि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो पानी जल्द ही घरों के कमरों तक पहुंच सकता है।नदी किनारे की रिवर फ्रंट रोड पूरी तरह पानी में डूब गई है। नैनी स्थित प्रेरणा स्थल के यमुना घाट तक भी पानी पहुंच चुका है।

गंगा-यमुना के तेजी से बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अगले 24 घंटे प्रयागराज के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। जलस्तर में इसी गति से वृद्धि जारी रही तो निचले इलाकों में पानी और तेजी से फैल सकता है तथा कई अन्य क्षेत्र भी बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं।बताया जा रहा है कि टोंस नदी भी उफान पर है, जिससे यमुना के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है।

प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी करते हुए निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासन की टीमें लगातार नदियों के जलस्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर नजर रख रही हैं। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit