
नयी दिल्ली, 31 अगस्त । नेपाल में आयी भयानक बाढ़ में कम से कम 939 लोगों की मौत हो गयी है और 4,247 लोग लापता हैं। छब्बीस अगस्त को आयी इस आपदा के बाद, बचाव दल सुरंगों एवं अन्य दुर्गम इलाकों में फंसे सैकड़ों जलविद्युत परियोजना कर्मचारियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) ने सोमवार को कहा कि लापता लोगों की संख्या रविवार को रिपोर्ट किये गये 2,502 से बढ़कर तेजी से 4,247 हो गयी है। वर्तमान में जिनका कोई पता नहीं है, उनमें 3,655 नेपाली नागरिक हैं जबकि 592 विदेशी नागरिक हैं।
लापता लोगों में नेपाल की जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े 933 श्रमिक एवं कर्मचारी शामिल हैं। आशंका है कि बाढ़ का पानी भोटेकोशी नदी गलियारे से होकर गुजरने के बाद कई लोग सुरंगों के अंदर फंसे हुए हैं, जिससे घर, सड़कें और पुल नष्ट हो गये और जलविद्युत अवसंरचना को व्यापक नुकसान हुआ।आज बचाव अभियान तेज किया गया, जिसमें त्रिशूली जलविद्युत स्थल पर एक सुरंग में नियंत्रित विस्फोट किया गया, ताकि अंदर फंसे होने की आशंका वाले श्रमिकों तक पहुंच आसान हो सके। भारत और चीन की विशेषज्ञ टीमें लापता जलविद्युत श्रमिकों की तलाश में नेपाली बचावकर्मियों की सहायता कर रही हैं।
भारत ने नेपाल को अपनी सहायता बढ़ाया है, तथा बचाव एवं पीड़ितों की पहचान के लिए विशेष टीमों को तैनात किया है। 19-सदस्यीय भारतीय फोरेंसिक टीम ने रविवार को काठमांडू में डीएनए नमूनों का विश्लेषण करने और मृत अवशेषों की पहचान में सहायता के लिए काम शुरू किया।एक भारतीय सुरंग-बचाव दल चिलिमे और लांगटांग के जलविद्युत स्थलों पर भी अभियान जारी रखे हुए है, जहां श्रमिक अभी भी लापता हैं। इस बीच, नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि रसुवा जिले के चिलिमे गांव से नेपाली सेना ने तीन भारतीय नागरिकों और उनके एक नेपाली सहकर्मी को बचाया। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास उनकी भारत वापसी में सहायता कर रहा है।श्रीवास्तव ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ” मैंने तीन भारतीय नागरिकों और उनके नेपाली सहयोगी से मुलाकात की, जिन्हें नेपाली सेना ने रसुवा में अचानक आयी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित चिलीमे गांव से बचाया था। हम उनकी मदद के लिए नेपाली सेना का धन्यवाद करते हैं।”
इस त्रासदी पर भारतीय नेतृत्व ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को नयी दिल्ली में नेपाल दूतावास का दौरा किया और शोक पुस्तिका में हस्ताक्षर किया, साथ ही भारत सरकार और भारत की जनता की ओर से नेपाल के लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।भारतीय समर्थन को दोहराते हुए श्री सिंह ने कहा कि नयी दिल्ली नेपाल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और देश में खोज, बचाव एवं पुनर्वास कार्यों में मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।