
नयी दिल्ली 01 सितंबर। दिल्ली सरकार ने राजधानी में संचालित सभी बसों के ऑपरेटरों को यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।दिल्ली परिवहन विभाग ने मंगलवार को स्पष्ट किया है कि दिल्ली में चलने वाली बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी), पैनिक बटन, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट-एड किट कार्यशील स्थिति में होना अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना, वाहन जब्त करने, लाइसेंस या परमिट निलंबित करने और रद्द करने सहित सख्त कार्रवाई की जा सकती है। ये निर्देश दिल्ली में चलने वाली दूसरे राज्यों की बसों पर भी लागू होंगे।
परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि राजधानी में संचालित प्रत्येक बस को निर्धारित सुरक्षा और संचालन मानकों का पालन करना होगा तथा सभी सुरक्षा उपकरण हर समय काम करने की स्थिति में होने चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में सरकार सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। बसों को रात के समय या खड़े रहने की स्थिति में केवल अधिकृत, सुरक्षित और पर्याप्त रोशनी वाले स्थानों पर ही पार्क करने के निर्देश दिये गये हैं। बसों की खिड़कियों पर पर्दे या अनधिकृत फिल्म लगाने पर भी रोक है और विंडशील्ड तथा अन्य खिड़कियों की निर्धारित पारदर्शिता के नियमों का पालन करना होगा।सरकार ने बसों के तकनीकी और परिचालन मानकों को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किये हैं। प्रत्येक बस के पास वैध फिटनेस और पीयूसी प्रमाणपत्र होना तथा लागू उत्सर्जन मानकों का पालन करना जरूरी है। बस ऑपरेटरों को यातायात नियमों और निर्धारित बस लेन का पालन करने तथा यात्रियों को केवल अधिकृत बस स्टॉप या निर्धारित स्थानों पर ही उतारने-चढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सड़क के बीच या चौराहों जैसी असुरक्षित जगहों पर बस रोकना प्रतिबंधित रहेगा। परिवहन विभाग मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और संबंधित नियमों के तहत इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगा।