मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए खिलाड़ियों को अपनी योजना पर भरोसा बनाये रखना चाहिए: हरमनप्रीत

मौजूदा चुनौतियों को देखते हुए खिलाड़ियों को अपनी योजना पर भरोसा बनाये रखना चाहिए: हरमनप्रीत

दुबई, 07 सितंबर। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर चाहती हैं कि उनकी टीम लीग स्टेज के आत्मविश्वास को नॉकआउट राउंड में भी बरकरार रखे। उन्होंने ज़ोर दिया कि खिलाड़ियों को फ़िलहाल सामने मौजूद चुनौती पर ध्यान देना चाहिए और अपनी योजनाओं पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।टूर्नामेंट के निर्णायक दौर में पहुँचने पर हरमनप्रीत ने कहा कि भारत बहुत आगे की नहीं सोच सकता और उसे एक बार में एक ही मैच पर ध्यान देना चाहिए।

हरमनप्रीत ने सोमवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा साझा किये गये एक वीडियो में कहा, “अगले दो मैच हमारे लिए बहुत अहम हैं। एक बार में एक मैच अगला मैच बहुत ज़रूरी है। उम्मीद है कि हम इस टूर्नामेंट में जैसा अच्छा प्रदर्शन करते आ रहे हैं, उसे जारी रखेंगे। मुझे लगता है कि अब मोमेंटम बहुत जरूरी है। खुद पर भरोसा करना, अपनी योजनाओं पर भरोसा और उसी तरह खेलना जैसे हमने लीग स्टेज के दौरान बल्लेबाजी और गेंदबाजी की है।”इस कैंपेन के दौरान भारत को अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों यूनिट्स से अच्छा योगदान मिला है, जिससे कप्तान को सेमीफ़ाइनल में ले जाने के लिए कई सकारात्मक बातें मिली हैं। हरमनप्रीत ने पहले मैच में शैफ़ाली वर्मा की आक्रामक पारी और दूसरे मैच में स्मृति मंधाना की सेंचुरी का खास ज़िक्र किया। उन्होंने उन मौकों पर अच्छा प्रदर्शन करने के लिए बॉलर्स की भी तारीफ़ की जब टीम को उनकी सबसे अधिक जरूरत थी।

उन्होंने कहा, “पहले मैच में शेफाली की बल्लेबाजी, जिस तरह से वह बॉल को हिट कर रही थी, और दूसरे मैच में स्मृति का शतक, जिस तरह से वह बल्लेबाजी कर रही थी, वह देखने लायक था। आज, हमारे गेंदबाजों ने चुनौती स्वीकार की। उन्हें बस अपनी योजनाओं और खुद पर भरोसा रखने और जरूरत पड़ने पर उसे लागू करने की जरूरत है। सभी का प्रदर्शन कुल मिलाकर अच्छा रहा। और अब सेमीफाइनल और फाइनल हैं। मुझे लगता है कि हमें बस बार-बार कड़ी मेहनत करते रहने की जरूरत है।”हरमनप्रीत के लिए, अपने करियर के इस पड़ाव तक पहुंचना उनकी शुरुआती सोच से कहीं ज़्यादा है। भारतीय कप्तान ने अपनी इस यात्रा में अहम भूमिका निभाने के लिए अपनी टीम की साथियों, बीसीसीआई, सपोर्ट स्टाफ़ और परिवार को श्रेय दिया।

उन्होंने कहा, “मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं इतनी दूर आ जाऊंगी। मैं अपनी टीम की साथियों, बीसीसीआई, स्पोर्ट्स स्टाफ़, अपने परिवार के सदस्यों और माता-पिता को श्रेय देना चाहूँगी। वे मेरी सबसे बड़ी ताकत रहे हैं। और उम्मीद है कि मैं कई और सालों तक कड़ी मेहनत करती रहूंगी और जब भी टीम को जरूरत होगी, तब कड़ी मेहनत करती रहूंगी।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit