
वाशिंगटन, 11 सितंबर। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 11 सितंबर 2001 (9/11) के आतंकवादी हमलों की 25वीं बरसी पर पेंटागन में आयोजित स्मरणोत्सव कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमेरिकी सशस्त्र बलों के जवानों को सलाम किया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिक यह सुनिश्चित करने के लिए तत्परता से काम कर रहे हैं कि ईरान जैसा देश “कभी भी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।”
पेंटागन में पीड़ितों और उनके परिवारों को श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा, “25 वर्षों से हमारे सर्वश्रेष्ठ और सबसे बहादुर सैनिकों ने अमेरिका को सुरक्षित रखा है। आज हम आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में सेवा देने वाले अमेरिकी सेना के हर सदस्य को सलाम करते हैं।”
उन्होंने ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ का संदर्भ देते हुए कहा, “हम अपने प्रथम उत्तरदाताओं (सबसे पहले जवाबी कार्रवाई करने वाले) और कानून अनुपालन एजेंसियों को सलाम करते हैं। हम उन सेवा सदस्यों का भी सम्मान करते हैं जो यह सुनिश्चित करने में जुटे हैं कि आतंकवाद का दुनिया का सबसे बड़ा प्रायोजक – इस्लामिक गणराज्य ईरान, कभी भी परमाणु हथियार न बना सके।”
श्री ट्रम्प ने हमलों के बाद एकजुट हुए अमेरिकी समाज के जज्बे को याद करते हुए कहा, “उन भयावह दिनों के बाद हमने अपने राष्ट्र की वास्तविक आत्मा को देखा। उस दिन हम सभी न्यू यॉर्कर थे, हम सभी एक परिवार और देशभक्त थे। दुश्मन भले ही अमेरिकी हाथों द्वारा बनाई गई इमारतों को नष्ट कर सकता था, लेकिन हमारे दिलों में जल रही देशभक्ति की लौ और प्यार को कभी छू नहीं सकता था।”
अतीत की त्रासदी से प्रेरणा लेकर देश की सुरक्षा का संकल्प दोहराते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि आज का अमेरिका पहले से कहीं अधिक मजबूत और एकजुट है। उन्होंने कहा कि 9/11 की घटना ने हमें नफरत की भयावह ताकत का अहसास कराया था, लेकिन बीते 25 वर्षों ने यह साबित कर दिया है कि बुराई का सामना करने और उस पर जीत हासिल करने के लिए अमेरिकी भावना कितनी शक्तिशाली है।
भविष्य की पीढ़ियों का उल्लेख करते हुए श्री ट्रम्प ने कहा कि आज अमेरिका के पास जीतने के अलावा कोई विकल्प नहीं है और वे देश की सुरक्षा तथा स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अंत तक लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि 25, 100 या 250 साल बाद भी जब आने वाली पीढ़ियां इस स्थान पर खड़ी होंगी, तो वे 9/11 के अमर नायकों की कुर्बानी को हमेशा याद रखेंगी और अमेरिका कभी भी इस ऐतिहासिक दिन को नहीं भूलेगा।