
मोकी (चीन), 13 सितंबर । सानिका चंद्रकांत माने के 17वें मिनट में किए गए गोल ने मैच का नतीजा तय किया। इस गोल की बदौलत, अब तक अजेय रही भारतीय जूनियर महिला टीम ने फाइनल में चीन को रविवार को 1-0 से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा और लगातार तीसरी बार यह टूर्नामेंट जीता। इस जीत के साथ ही भारत ने जूनियर महिला विश्व कप के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली।इस उपलब्धि के सम्मान में, हॉकी इंडिया ने हर खिलाड़ी के लिए 3 लाख रुपये और सपोर्ट स्टाफ के हर सदस्य के लिए 1.5 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की।
खिताबी मुकाबले की शुरुआत में चीन का पलड़ा भारी रहा और उन्होंने भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाया। हालांकि, भारतीय डिफेंडरों ने पूरे संकल्प के साथ अपने गोल पोस्ट की रक्षा की। पहले क्वार्टर में कोई गोल नहीं हो सका और न ही कोई साफ मौका बन पाया।दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही बाजी भारत के पक्ष में पलटी। सानिका ने फुर्ती दिखाते हुए चीनी डिफेंडर को छकाया और गोल के और करीब पहुंच गईं। चीनी सर्कल में आए एक लंबे ‘स्लैप-पुश’ पर उन्होंने अपनी स्टिक लगाई और बड़ी कुशलता से गेंद को गोलकीपर जू मेंगजियाओ के बगल से गोल में पहुंचाकर भारत को जरूरी बढ़त दिलाई।
चीन के पास गोल करने का सबसे अच्छा मौका तब आया जब उन्हें मैच का एकमात्र पेनल्टी कॉर्नर मिला। हालांकि, उनका सीधा शॉट बेकार चला गया क्योंकि गेंद बैकबोर्ड की तय ऊंचाई से ऊपर गोल में गई थी, जिससे भारतीय टीम ने राहत की सांस ली।हाफ-टाइम से ठीक दो मिनट पहले भारत के पास अपनी बढ़त को दोगुना करने का सबसे अच्छा मौका था, जब कप्तान खैदेम शिलेइमा चानू को शॉट लेने का मौका मिला, लेकिन चीनी गोलकीपर ने उसे रोक दिया।
ब्रेक के बाद चीन ने नए इरादे के साथ खेल शुरू किया और क्वार्टर के सातवें मिनट में बराबरी करने के करीब पहुंच गया। एक बेहतरीन मूव में, एक चीनी अटैकर बेसलाइन से आगे बढ़ा और गोल के सामने एक खतरनाक ‘माइनस पास’ दिया। हालांकि, भारतीय डिफेंडरों ने उसे रोक दिया और चीन को बराबरी करने से वंचित रखा।जब चीन बराबरी करने के लिए दबाव बना रहा था, तब आखिरी क्वार्टर में भारत के डिफेंस का मजबूत जज्बा देखने को मिला। डिफेंडिंग चैंपियन अपनी सर्कल के आस-पास अनुशासित, एकजुट और सतर्क रहे और एक ऐसा मज़बूत घेरा बनाया जिसे भेदने में चीन को मुश्किल हुई। भारत ने मैच के आखिरी पलों में भी अपनी पकड़ बनाए रखी और 1-0 से यादगार जीत हासिल कर ट्रॉफी अपने नाम की।
भारत ने टूर्नामेंट में कोई मैच नहीं हारा। एलीट पूल में तीन जीत और एक ड्रॉ के साथ टॉप पर रहने के बाद, उन्होंने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 5-1 से हराया और फिर फाइनल में चीन को 1-0 से हराकर अपना खिताब सफलतापूर्वक बचाया। इसके साथ ही उन्होंने लगातार तीसरी बार ट्रॉफी जीतकर हैट्रिक पूरी की।