उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: मजबूत उम्मीदवार होगा सीट बंटवारे का आधार, संख्या नहीं

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव: मजबूत उम्मीदवार होगा सीट बंटवारे का आधार, संख्या नहीं

लखनऊ, 17 सितंबर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कांग्रेस जहां 100 से अधिक सीटों पर दावा कर रही है, वहीं सपा नेतृत्व की ओर से संकेत दिया गया है कि सीटों का बंटवारा केवल संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि उम्मीदवार की मजबूती और जीत की संभावनाओं को ध्यान में रखकर किया जाएगा।प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और चुनाव आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इंडिया गठबंधन के प्रमुख घटक सपा और कांग्रेस ने भी विधानसभा स्तर पर संगठन को सक्रिय करना शुरू कर दिया है। वर्ष 2022 में दोनों दलों ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। उस चुनाव में सपा ने 111 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को केवल दो सीटों पर जीत मिली थी।

कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि 2017 के विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन के तहत पार्टी ने 100 से अधिक सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि, यह गठबंधन भाजपा को सत्ता से बाहर नहीं कर सका था। कांग्रेस की ओर से इसी आधार पर इस बार भी 100 से अधिक सीटों की मांग किए जाने की चर्चा है। वहीं सपा की ओर से कांग्रेस के हिस्से में करीब 40 से 50 सीटें आने की चर्चा है।सपा नेतृत्व का मानना है कि गठबंधन में सीटों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि संबंधित सीट पर कौन उम्मीदवार चुनाव जीतने की स्थिति में है। इसके लिए स्थानीय राजनीतिक समीकरण, उम्मीदवार की पकड़ और पिछले चुनावों के प्रदर्शन को आधार बनाया जा सकता है।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, जिन सीटों पर कांग्रेस मजबूत उम्मीदवार के साथ मैदान में उतर सकती है, वहां उसके दावे पर विचार किया जा सकता है। इस बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और निषाद पार्टी को लेकर भी राजनीतिक हलकों में अटकलें चल रही हैं। दोनों दल पूर्व में सपा के साथ रहे हैं और बाद में अलग हो गए।सूत्रों के अनुसार, सपा नेतृत्व ने अपने पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि सुभासपा या निषाद पार्टी से गठजोड़ का प्रस्ताव लाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सपा के सामने इस समय मुख्य चुनौती गठबंधन में सीटों के तालमेल के साथ-साथ प्रत्येक सीट पर जीत की संभावना को मजबूत करने की है।

सूत्रों ने बताया कि पार्टी नेतृत्व का मानना है कि सरकार बनाने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सीटों का फैसला स्थानीय परिस्थितियों और मजबूत प्रत्याशियों की उपलब्धता के आधार पर किया जाना चाहिए। हालांकि कांग्रेस की ओर से सीटों को लेकर अंतिम रुख और सपा के साथ बातचीत का स्वरूप आने वाले दिनों में स्पष्ट होने की उम्मीद है। सीटों के बंटवारे को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में कितनी सीटों पर पार्टी चुनाव लड़ेगी यह पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit