देशभर में ‘संविधान बचाओ, देश बचाओ’ मुहिम चलायेगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

देशभर में ‘संविधान बचाओ, देश बचाओ’ मुहिम चलायेगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

नयी दिल्ली, 17 सितंबर । ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) ने ‘संविधान बचाओ, देश बचाओ’ मुहिम को अगले ढाई से तीन महीने तक देशभर में चलाने की घोषणा की है।बोर्ड के महासचिव मौलाना फज़लुर रहीम मुजद्दिदी ने गुरुवार को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस मुहिम का उद्देश्य लोगों को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना और न्याय, स्वतंत्रता, समानता, मानव गरिमा तथा आपसी भाईचारे के माहौल को मजबूत करना है।मौलाना मुजद्दिदी ने कहा कि इस मुहिम के पहले चरण में देश के शोषित-पीड़ित तबकों, अल्पसंख्यकों और खास तौर पर मुसलमानों के बुनियादी अधिकारों के उल्लंघन, मस्जिदों, मदरसों और मुस्लिम आबादियों के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाइयों, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वतंत्रता पर पाबंदी, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की कोशिशों और वंदे मातरम् को अनिवार्य किये जाने जैसे मुद्दों पर जनता का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह की ओर से 2029 तक भाजपा शासित सभी राज्यों में यूसीसी लागू करने के बयान से देश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विविधता और नागरिकों के बुनियादी अधिकारों को लेकर मुसलमानों तथा अल्पसंख्यकों में चिंता पैदा हुई है।मौलाना मुजद्दिदी ने कहा कि मुसलमान अपने पर्सनल लॉ के संरक्षण को अपने धार्मिक और संवैधानिक अधिकारों का हिस्सा मानता है। भारत विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और भाषाओं वाला देश है तथा संविधान इस विविधता को संरक्षण देता है। उन्होंने कहा कि इस विविधता को प्रभावित करने वाली कोई भी नीति गंभीर संवैधानिक सवाल खड़े करती है।उन्होंने वंदे मातरम् के सभी छंदों को अनिवार्य किये जाने की कोशिश पर भी आपत्ति जतायी और कहा कि देशभक्ति के इजहार के लिए किसी गीत को पूरा गाना अनिवार्य किया जाना धार्मिक और नागरिक स्वतंत्रता के संबंध में महत्वपूर्ण सवाल खड़े करता है।उन्होंने कहा कि देश में गरीबी, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों और मजदूरों की समस्याओं तथा महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे बुनियादी मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए नये-नये ऐलान किये जा रहे हैं।मौलाना मुजद्दिदी ने कहा कि जनता का ध्यान बुनियादी समस्याओं से हटाकर धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दों की ओर मोड़ना देश के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदू और मुसलमानों ने मिलकर देश की आजादी में योगदान दिया है और आज भी सभी धर्मों तथा भाषाओं को मानने वाले लोग शांति और तरक्की चाहते हैं। उन्होंने कहा कि नफरत का माहौल किसी भी देश को विकास से रोकता है। उन्होंने कहा कि देश को मजबूत और विकसित बनाने के लिए शांतिपूर्ण माहौल, आपसी भाईचारे और प्रेम की भावना को बढ़ावा देना जरूरी है।उल्लेखनीय है कि इस मुहिम के तहत बोर्ड ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा की थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने बुधवार शाम प्रदर्शन की अनुमति वापस ले ली।उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर धरने की अनुमति नहीं मिलने के बावजूद ‘संविधान बचाओ, देश बचाओ’ मुहिम पूरे देश में जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर का कार्यक्रम इस मुहिम का केवल प्रतीकात्मक उद्घाटन था और यह मुहिम ढाई से तीन महीने तक पूरे देश में चलायी जाएगी। इसका खाका तैयार हो चुका है और आगे भी सलाह-मशविरा जारी है।इससे पहले एआईएमपीएलबी के प्रवक्ता डॉ. सैयद कासिम रसूल इलियास ने बताया कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित धरने को दिल्ली पुलिस ने बुधवार शाम पत्र भेजकर रद्द कर दिया। पुलिस ने बड़ी संख्या में लोगों के आने और उन्हें नियंत्रित नहीं कर पाने की आशंका जतायी थी।डॉ. इलियास ने कहा कि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि बोर्ड कानून का उल्लंघन नहीं करता और कानून के दायरे में रहकर काम करता है। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर का कार्यक्रम ‘सेव कांस्टीट्यूशन, सेव इंडिया’ अभियान का पहला प्रदर्शन था।उन्होंने कहा कि एआईएमपीएलबी एक अनुशासित संगठन है और यह कानून का उल्लंघन नहीं करता। धरना रद्द होने के बाद बोर्ड ने अपने सदस्यों को संदेश भेजकर दिल्ली आने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा कि यह अभियान पूरे देश में चलाया जाएगा और इसमें मुसलमानों के साथ-साथ अन्य समुदायों के लोग भी शामिल होंगे।कार्यक्रम में एआईएमपीएलबी के उपाध्यक्ष मौलाना उबैदुल्लाह खां आजमी, बोर्ड के सचिव मौलाना उमरैन महफूज रहमानी तथा जमाअत-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोतसिम खान समेत बोर्ड के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit