
लखनऊ, 19 सितंबर। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव की पीडीए की राजनीति और लग्जरी गाड़ियों वाली यात्रा पर सीधा हमला बोला है।श्री निषाद ने कहा कि देश विचारधारा से चलता है। राजनीति की शुरुआत इस सोच से हुई थी कि गरीब आदमी भी राजा बने। गरीब, भूमिहीन, आवासहीन और उजड़े लोगों के लिए राजनीति आई थी। लोकसभा और लोकतंत्र गरीबों के लिए आए थे, लग्जरी के लिए नहीं। लेकिन दुर्भाग्य से गरीबों के वोट और गरीबों के नोट पर पलने वाले नेता ही आज गरीबों को भूल गए हैं।
उन्होंने कहा कि पिछड़ों के नाम पर राजनीति करने वालों ने 27 प्रतिशत आरक्षण पर अकेले कब्जा कर लिया। ‘अदर मैन’ कहां चले गए, इसका जवाब नहीं है। नारा दिया गया था कि जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी, लेकिन कुछ लोग सब पर भारी हो गए और बाकी बेचारे रह गए।श्री निषाद ने कहा कि किसी भी दल को कार्यकर्ता ही खड़ा करता है। कार्यकर्ता समर्पित और संकल्पित होकर काम करता है, लेकिन आज सपा में स्थिति यह है कि कार्यकर्ता धूप में खड़ा रहता है, दरी बिछाता है और नेता एसी में बैठकर हाथ हिलाता है।
अखिलेश यादव की पीडीए यात्रा और 20 करोड़ की लग्जरी गाड़ी पर तंज कसते हुए संजय निषाद ने कहा कि यात्रा निकालना हर आदमी का हक है, लेकिन यह भी तय होना चाहिए कि यात्रा किसकी है और कैसे निकलनी चाहिए।उन्होंने कहा कि अगर यात्रा गरीबों के पास जा रही है तो गरीब की गली और गांव में भी जानी चाहिए। जब तक नेता गरीब की गली में नहीं रहेगा, उसकी वास्तविकता को नहीं समझेगा। केवल सड़क पर निकलने वाली यात्रा से कुछ नहीं होगा। उन्होने कहा कि एक तरफ साइकिल की बात होती है, दूसरी तरफ बड़ी-बड़ी लग्जरी गाड़ियों का काफिला चलता है। मुंह से पीडीए और दिल में लग्जरी रथ है। जब कथनी और करनी में इतना अंतर होगा तो जनता निश्चित रूप से दूर होगी। जनता सब तय करती है और जनता ने ही ऐसे लोगों को सत्ता से बाहर किया है।