
सहारनपुर 20 सितंबर। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यूपी-2027 मिशन की सफलता को पश्चिम के सियासी माहौल का धरातल पर उतरकर जायजा लेंगे और पश्चिम के संगठन के पदाधिकारियों, पूर्व सांसदों और विधायकों के साथ बैठक कर मौजूदा हालात की जानकारी लेने और जीत की कारगर रणनीति बनाने का काम करेंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का सहारनपुर का पहला दौरा होगा।जिलाध्यक्ष अजीत सिंह राणा ने रविवार सांय बताया कि बैठक मंगलवार दोपहर 2 बजे नगर में अंबाला रोड पर स्थित एक सभागार में होगी। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी, पूर्व मंत्री एवं क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर और काबिना मंत्री सहारनपुर के प्रभारी
सुनील शर्मा, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल, संसदीय कार्य राज्यमंत्री जसवंत सैनी, पूर्व मंत्री सुरेश राणा, राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभारी डा.सोमेंद्र तोमर, मेरठ सांसद अरूण गोविल समेत भाजपा के सांसद, विधायक,पूर्व सांसद, विधायक मौजूद रहेगें।लोकसभा-2024 के चुनाव में अखिलेश यादव और राहुल गांधी की अगुवाई में इंडिया गठबंधन ने यूपी की 80 में से 43 सीटों पर शानदार सफलता अर्जित कर भाजपा को बैकफुट पर धकेल दिया था और उप्र में भाजपा के पिछड़ने से नरेंद्र मोदी अपने दो प्रयासों की 2014 और 2019 की सफलता को दोहरा नहीं पाए थे और बहुमत से 33 सीटों से पिछड़ गए थे। सहारनपुर मंडल में भाजपा तीनों सीटों पर मुंह की खा गयी थी। सहारनपुर में लोकप्रिय भाजपा नेता
राघव लखनपाल शर्मा, विधायकों के विरोध और पार्टी में व्याप्त असंतोष के चलते कांग्रेस के इमरान मसूद से पराजित हो गए थे, जबकि उभरते जाट नेताकेंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान को सपा के पश्चिम के लोकप्रिय जाट नेता हरेंद्र मलिक के सामने शिकस्त उठानी पड़ी थी, तो कैराना सीट पर
मुनव्वर हसन के बड़े सियासी घराने की वारिस युवा महिला इकरा हसन ने कई बार के विधायक और सांसद चौधरी प्रदीप को हराकर लोकसभा में अपनी मैडन एंट्री की थी। विपक्ष के तीनों सांसद जनता के बीच सक्रिय हैं और मुद्दों को पूरी ताकत से लोकसभा और जनता के बीच उठा रहे हैं। दो सितंबर को अखिलेश यादव ने सहारनपुर में अपने सभी प्रमुख पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से मिलकर स्थानीय हालात और विधानसभा चुनाव में उतारे जाने वाले दावेदारों काफीडबैक लिया। तीन सितंबर को केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने रामपुर मनिहारान में स्वाभिमान रैली के जरिए अपनी ताकत का अहसास कराया।
भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही सक्रियता दिखा रहे हैं। वह हाल ही में दर्जनों बार सहारनपुर आकर लोगों के बीच अपनी सरकार का कामकाज और विकास की रूपरेखा प्रस्तुत कर चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की इस पूरे इलाके की सियासत से बेखबरी है। वह अभी तक सिर्फ एक बार देवबंद एक विधायक के पिता की मय्यत में शोक जताने आए थे। वह जनप्रतिनिधियों और पार्टी कार्यकर्ताओं से भी नहीं मिलते हैं, उन्हें यहां के जमीनी हालात की खबर लेने में शायद दिलचस्पी भी नहीं है। इससे पूर्व के सभी प्रदेश अध्यक्ष पश्चिमी उत्तर प्रदेश के खासकर राजनीतिक रूप से जागरूक सहारनपुर मंडल के लोगों से करीबी रिश्ता रखते थे।जाहिर है इस इलाके में भाजपा के हालात बेहद सोचनीय है। इक्का-दुक्का जनप्रतिनिधियों को छोड़कर ज्यादातर के प्रति आम लोगों में नहीं कार्यकर्ताओं में भी भारी नाराजगी है। नौकरशाही से पूरे पश्चिमी उ.प्र. के लोग बेहद खफा हैं। भ्रष्टाचार और निक्कमापन चरम पर है। इन सारे हालात से राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रत्यक्ष रूप से रूबरू होने का काम करेंगे। यह देखना और जानना दिलचस्प होगा कि वे पश्चिम में सांस फूल रही भाजपा को कितनी ऑक्सीजन देने का काम करते हैं, उनके दौरे की सफलता का आंकलन मिशन-2027 की सफलता पर टिका है।