
नयी दिल्ली, 25 सितंबर । रेलवे बोर्ड ने रिक्त पदों के विरुद्ध सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों की नियुक्ति एवं पुनर्नियुक्तिकी योजनाओं को 15 अक्टूबर, 2028 तक बढ़ा दिया है, जिसमें गैर-राजपत्रित कर्मचारियों, पैरामेडिकल कर्मियों और रेलवे प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षकों से संबंधित पद शामिल हैं।
रेलवे बोर्ड के एक आदेश के अनुसार, जो योजनाएं 15 अक्टूबर, 2026 तक लागू रहने वाली थीं, उन्हें मौजूदा शर्तों एवं नियमों के साथ दो और वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया है।इस आदेश में कई तरह की योजनाएं शामिल हैं, रिक्त अराजपत्रित पदों पर सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों की नियुक्ति, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की नियुक्ति और पैरा-मेडिकल कर्मियों की अनुबंध पर नियुक्ति तथा केंद्रीकृत प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षक एवं वरिष्ठ प्रशिक्षक के रिक्त पदों पर सेवानिवृत्त रेलवे कर्मियों की पुनर्नियुक्ति आदि शामिल हैं।
मौजूदा सामान्य योजना के तहत रेलवे को रिक्तियों के बदले सेवानिवृत्त अराजपत्रित कर्मचारियों को पुनः नियुक्त करने के लिए अधिकृत किया गया है। जून 2025 के रेलवे बोर्ड के एक आदेश ने निर्धारित शर्तों के अधीन, स्तर एक से स्तर नौ तक के रिक्त अराजपत्रित पदों को पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पुनः नियुक्ति के माध्यम से भरने की अनुमति दी है।हालिया आदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारी पर लागू पेंशन प्रणाली के आधार पर वेतन एवं सेवा की शर्तों के लिए अलग-अलग प्रावधान भी तय किये गये हैं।
पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) के तहत पुनर्नियुक्त कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और छुट्टी के नियम ‘व्यय विभाग’ के नौ दिसंबर, 2020 के निर्देशों के अनुसार तय होंगे। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के तहत आने वाले कर्मचारियों के वेतन और सेवा की अन्य शर्तें वित्त मंत्रालय के ‘व्यय विभाग’ के 18 अक्टूबर, 2023 के निर्देशों के आधार पर तय होंगी।रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया कि जिन मामलों में पहले पुनर्नियुक्ति के दौरान मेहनताने, छुट्टी या उससे जुड़े मामलों को इन निर्देशों से अलग तरीके से तय किया गया था, उन्हें फिर से खोलने की आवश्यकता नहीं है, ऐसा तब तक नहीं किया जाएगा जब तक कि उन मामलों का सामान्य कार्यकाल खत्म न हो जाये या 15 अक्टूबर 2026 न आ जाये या इनमें से जो भी तारीख पहले आये।इसमें यह भी दोहराया गया कि पुनर्नियुक्ति का फ़ैसला सिर्फ़ ज़रूरी स्थिति में और पूरी सावधानी के साथ लिया जाना चाहिए। रेलवे बोर्ड के पहले के आदेशों में दी गयी बाकी सभी शर्तें और नियम वैसे ही रहेंगे।