60 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क घटाने की रूपरेखा पर सहमत हुए अमेरिका-चीन

60 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क घटाने की रूपरेखा पर सहमत हुए अमेरिका-चीन

वाशिंगटन, 28 सितंबर । अमेरिका और चीन ने दोनों देशों के करीब 30-30 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क कम करने की रूपरेखा पर सहमति जताई है। यह व्यवस्था पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की वाशिंगटन में हुई बैठक के बाद बनी है।”30-फॉर-30″ नाम की इस रूपरेखा को नवनिर्मित अमेरिका-चीन व्यापार बोर्ड के माध्यम से लागू किया जाएगा। दोनों देशों ने समान मूल्य वाली वस्तुओं की सूची तैयार की है, जिन पर घरेलू कानूनों और प्रक्रियाओं के अधीन कम शुल्क लगाया जा सकता है।व्हाइट हाउस द्वारा जारी सूची के अनुसार, कम शुल्क के लिए विचार किए जाने वाले चीनी सामान में पटाखे, रसोई के सामान, टॉर्च, बेसबॉल, सॉफ्टबॉल और मछली पकड़ने के कांटे शामिल हैं। अमेरिकी सामान की सूची में पोल्ट्री, डेयरी उत्पाद, नूडल्स, अंडे, मूंगफली, डिब्बाबंद टमाटर, शुद्ध नस्ल के प्रजनन घोड़े और रेशम शामिल हैं।रूपरेखा में 77 चीनी उत्पादों और 1,600 से अधिक अमेरिकी उत्पादों को अधिक अनुकूल शुल्क व्यवस्था के लिए विचार किए जाने की बात कही गई है। समझौते के तहत तत्काल शुल्क कटौती लागू नहीं होगी। भविष्य में शुल्क में कमी दोनों देशों की घरेलू कानूनी प्रक्रियाओं के तहत तय और लागू की जाएगी।

अमेरिका-चीन व्यापार बोर्ड में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। अमेरिकी पक्ष का नेतृत्व वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर करेंगे, जबकि चीन की ओर से उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग प्रतिनिधित्व करेंगे।बोर्ड का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बेहतर बनाना और दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाओं पर विचार करना है। वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक कम से कम तिमाही आधार पर होने की उम्मीद है, जबकि कनिष्ठ अधिकारी नियमित रूप से मिलेंगे।

इस समझौते में दोनों पक्षों के 30 अरब डॉलर के आयात शामिल हैं। इसमें 77 चीनी सामानों और 1,600 से ज़्यादा अमेरिकी उत्पादों की पहचान की गई है, जिन पर बेहतर टैरिफ़ सुविधा देने पर विचार किया जाएगा।अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ग्रीर ने कहा कि यह समझौता चीन को अमेरिकी निर्यात के करीब 30 प्रतिशत हिस्से के लिए बाजार पहुंच में सुधार करेगा और अमेरिकी उपभोक्ताओं को भी लाभ पहुंचाएगा।

दोनों देशों ने कहा है कि सूचियों में बदलाव और अतिरिक्त उत्पादों को शामिल करने पर भविष्य में विचार किया जा सकता है। कृषि समेत अन्य व्यापारिक मुद्दों पर भी अलग-अलग कार्य समूह बनाए जा सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit