
कानपुर, 29 सितंबर। स्कूलों की बाहरी सीमा से 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति को तंबाकू उत्पाद बेचना भी अपराध है। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने पर 200 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले में कोटपा अधिनियम-2003 के प्रावधानों का कड़ाई से अनुपालन कराया जाएगा।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि कोटपा अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है। सभी कार्यालयों और शिक्षण संस्थानों में 60×30 सेंटीमीटर आकार का ‘यहां धूम्रपान करना अपराध है’ बोर्ड लगाना अनिवार्य है। बोर्ड के नीचे शिकायत के लिए नोडल अधिकारी का नाम, मोबाइल नंबर और विभाग का नाम भी अंकित करना होगा।
उन्होंने बताया कि तंबाकू उत्पादों के प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध है। पहली बार उल्लंघन पर 1,000 रुपये तक जुर्माना या दो वर्ष तक की सजा अथवा दोनों का प्रावधान है। दोबारा उल्लंघन पर 5,000 रुपये तक जुर्माना और पांच वर्ष तक की सजा हो सकती है। प्रचार सामग्री भी जब्त की जाएगी।सीएमओ के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति को तंबाकू उत्पाद बेचना अपराध है। प्रत्येक तंबाकू विक्रेता को अपनी दुकान पर इससे संबंधित 60×30 सेंटीमीटर आकार का चेतावनी बोर्ड लगाना होगा। सभी शैक्षणिक संस्थानों की बाहरी सीमा से 100 गज के भीतर तंबाकू उत्पादों की बिक्री प्रतिबंधित है। विद्यालयों के मुख्य द्वार पर भी निर्धारित चेतावनी बोर्ड लगाना अनिवार्य होगा।
उन्होंने बताया कि 85 प्रतिशत चित्रित स्वास्थ्य चेतावनी के बिना तंबाकू उत्पादों का उत्पादन, भंडारण, वितरण और बिक्री प्रतिबंधित है। उल्लंघन पर पहली बार 500 रुपये तक जुर्माना या एक वर्ष तक की सजा तथा दोबारा उल्लंघन पर 1,000 रुपये तक जुर्माना और दो वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। खुली सिगरेट की बिक्री भी प्रतिबंधित है और इसके उल्लंघन पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।सीएमओ ने स्पष्ट किया कि कोटपा अधिनियम के तहत निर्धारित साइनेज और चेतावनी बोर्ड लगाने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग, संस्थान और तंबाकू विक्रेता की होगी।