
लखनऊ, 29 सितंबर । समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शंकराचार्य के कथित अपमान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है।
उन्होंने कहा कि मंच से सनातनियों की आस्था के प्रतीक और पूज्यनीय व्यक्ति के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया जाना सत्ता के अहंकार और पद के मद को दर्शाता है।
श्री यादव ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि सनातन समाज आज से पहले कभी इतना अधिक अपमानित नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि सनातन समाज का हर धर्मप्रधान और विचारशील व्यक्ति इस कथित अपमान से दुखी है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का समर्थन करने वाले कई लोग भी इस घटना से लज्जित हैं।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि यह टिप्पणी संपूर्ण समाज के मान-सम्मान, गरिमा और प्रतिष्ठा को सीधी चुनौती है। उन्होंने कहा कि अब यही समाज अपने सम्मान की रक्षा के लिए सत्ता के मद को चूर-चूर कर देगा। उन्होंने दावा किया कि इस कथित टिप्पणी के बाद भाजपा के साथ खड़े उसके सहयोगी भी असहज स्थिति में हैं।
श्री यादव ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी लोग आगामी चुनाव में हार की आशंका के कारण जाते-जाते राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर ऐसी स्थिति पैदा कर रहे हैं, जिससे दूसरे लोगों की संभावनाएं भी प्रभावित हों। उन्होंने कहा कि अहंकार के दिन अब लद गए हैं।
उन्होंने भाजपा सरकार पर शंकराचार्य के लगातार अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ जिस तरह का व्यवहार हुआ है, उसकी सजा भारतीय जनता पार्टी को मिलेगी। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने यह बयान जारी किया।