
नई दिल्ली 01 अक्टूबर। भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस त्रिशूल ने फ्रांस के टूलॉन में 24वें ‘वरुण’ अभ्यास में हिस्सा लिया।रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि अभ्यास के समुद्री चरण में दोनों देशों की नौसेनाओं ने पनडुब्बी रोधी, सतह युद्ध और वास्तविक फायरिंग जैसे अभ्यास किये। हेलीकॉप्टरों के एक-दूसरे के युद्धपोतों पर उतरने का अभ्यास भी किया गया। इससे दोनों नौसेनाओं के बीच तालमेल और संचालन क्षमता मजबूत हुई।
आईएनएस त्रिशूल 22 सितंबर को टूलॉन पहुंचा था। फ्रांसीसी नौसेना ने उसका ‘वाटर केनन’ की सलामी के साथ स्वागत किया। बंदरगाह चरण में दोनों नौसेनाओं के बीच पेशेवर, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियां हुईं। अधिकारियों ने परिचालन अनुभव साझा किए और एक-दूसरे के युद्धपोतों का दौरा किया।त्रिशूल के कमांडिंग ऑफिसर, अधिकारियों और चालक दल ने मार्सेई के मजार्ग युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। यहां विश्व युद्धों में शहीद हुए 205 भारतीय सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गयी।
आईएनएस त्रिशूल ने फ्रांसीसी नौसेना के युद्धपोत फोरबिन, ला फाएत और पनडुब्बी सफ्रेन के साथ अभ्यास किया। एनएच-90 हेलीकॉप्टर और अटलांटिक-2 समुद्री गश्ती विमान भी इसमें शामिल रहे। आईएनएस त्रिशूल के चालक दल ने फ्रांसीसी युद्धपोत चार्ल्स द गॉल, फोरबिन और ला फाएत का दौरा कर विमानवाहक पोत संचालन और विमानन सुविधाओं की जानकारी ली।इस युद्धाभ्यास से भारत और फ्रांस के बीच समुद्री सहयोग, संचालन में तालमेल और पेशेवर आदान-प्रदान को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहरायी गयी।