मोदी सरकार अवैध, फिर से कराये जायें चुनाव : खरगे

मोदी सरकार अवैध, फिर से कराये जायें चुनाव : खरगे

नयी दिल्ली, 03 अक्टूबर । कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार ‘अवैध’ चुनाव से बनी है इसलिए इसे भंग कर देश में फिर से चुनाव कराये जायें।श्री खरगे ने शनिवार को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट में कहा कि भाजपा सरकार ने लोकतंत्र को बर्बाद कर दिया है। देश में चुनावों में भारी गड़बड़ी हुयी है और सारे चुनाव अवैध हैं और ऐसे चुनाव से बनी सरकारें और उनके मंत्री भी अवैध हैं।

उन्होंने कहा, “देश में ‘अवैध चुनाव’ हो रहे हैं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘अवैध प्रधानमंत्री’ और अमित शाह ‘अवैध गृह मंत्री’ हैं। सरकारों को भंग किया जाना चाहिए और चुनाव बैलेट पेपर से कराये जाने चाहिए।”कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण पूरी चुनावी प्रक्रिया को बर्बाद कर दिया गया है। लोकतंत्र में चल रही इस अवैध प्रक्रिया को देखते हुए ही उन्होंने इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक बुलाई गयी थी जिसमें 20 पार्टियों के नेताओं के साथ कानूनी विशेषज्ञ कपिल सिब्बल को भी बुलाया गया। बैठक में सभी ने स्वीकार किया है कि एसआईआर गलत तरीके से हो रहा है और इससे गरीब, पिछड़े तथा खासकर अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

श्री खरगे ने कहा कि वोट काटने का काम भाजपा और आएसएस के लोगों द्वारा किया जा रहा है। नाम काटे जाने को गलत बताते हुए उन्होंने कहा कि एक-एक बूथ से यदि 500-500 लोगों के नाम भी हटा दिये जाते हैं तो इससे बहुत बड़ा फर्क पड़ता है। अब इन नामों को दोबारा जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस के लोग अपने-अपने लोगों के नाम वोटर लिस्ट में रख रहे हैं जबकि गरीबों को नाम जुड़वाने में समय और पैसा खर्च करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अवैध चुनाव कराने पर विश्वास करती है इसीलिए चुनाव प्रक्रिया पर कब्जा करने के लिए प्रधानमंत्री देश के लोकतंत्र को बर्बाद करने वाला कानून लेकर आये हैं। इस कानून को लाने से पहले चुनाव आयोग की नियुक्ति करने वाली समिति के गठन की व्यवस्था बदली गयी थी। इस प्रक्रिया में प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश होते और वे चुनाव आयोग के गठन की प्रक्रिया में शामिल रहते थे। मोदी सरकार ने इस प्रक्रिया को बदला है और इस समिति में मुख्य न्यायाधीश को हटाकर एक मंत्री को समिति में रखा गया है। मोदी सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त के चयन की नई प्रक्रिया बनाई है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि यदि मुख्य चुनाव आयुक्त गलत भी करते हैं तो उसे दोषी नहीं माना जा सकता है। कानून में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने की व्यवस्था देते हुए कहा गया है कि जब तक वह जीवित हैं, उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से मनमानी हो रही है और दो अन्य चुनाव आयुक्तों के आपत्ति दर्ज करने के बावजूद उनकी बात नहीं सुनी जा रही है। एक अखबार में प्रकाशित खबर के बाद कांग्रेस ने इस मामले को उठाया और माहौल बन गया और अब पूरे देश में आंदोलन हो रहे हैं।श्री खरगे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग प्रणाली पर ही सवाल उठाए और कहा कि देश में ईवीएम का गलत इस्तेमाल हो रहा है और इसलिए पुरानी प्रक्रिया में लौटकर चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इंडिया गठबंधन का पहला आंदोलन शुक्रवार को दिल्ली में हुआ और अब सभी दल मिलकर छह अक्टूबर को एक बड़ा आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम लोगों को जागरूक करना है और यदि गलती हो रही है तो चुनाव बैलेट पेपर से वोट कराये जाने चाहिए।

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