
कीव, 03 अक्टूबर । यूक्रेन के विदेश मंत्री अंद्री सिबीहा ने कहा है कि उनके देश को भारत की ओर से रूस के साथ युद्धविराम करने को लेकर प्रस्ताव मिला है।
श्री सिबीहा ने स्थानीय मीडिया को इस प्रस्ताव की जानकारी शुक्रवार को दी।यूरोपीय प्रावदा मीडिया में प्रकाशित समाचार के अनुसार श्री सिबीहा ने कहा कि यूक्रेन-रूस संघर्ष को समाप्त करने के वैश्विक प्रयासों के तहत यूक्रेन को भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, तुर्की और मिस्र की ओर से चार अलग-अलग युद्धविराम प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने कीव में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए पुष्टि की कि यूक्रेन रूस के साथ युद्धविराम के विभिन्न प्रारूपों पर विचार करने के लिए तैयार है, बशर्ते इसमें ऊर्जा सुरक्षा और काला सागर क्षेत्र दोनों को शामिल किया जाये।श्री सिबीहा ने कहा कि चारों प्रस्तावों में भारत की ओर से पेश किया गया शांति प्रस्ताव सबसे व्यापक और विस्तृत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूक्रेन ऊर्जा ढांचों और काला सागर में एक साथ हमले रोकने की शर्त पर पूर्ण युद्धविराम के लिए तैयार है। इसमें बंदरगाहों और ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों को तुरंत रोकना शामिल होगा। इसके अलावा तुर्की और मिस्र ने वैश्विक खाद्य संकट से निपटने और अनाज निर्यात बहाल करने के लिए मुख्य रूप से काला सागर में युद्धविराम का सुझाव दिया है, जबकि अमेरिका का प्रस्ताव ऊर्जा अवसंरचना पर केंद्रित युद्धविराम की वकालत करता है, जिस पर हाल ही में राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच भी चर्चा हुई थी।यूक्रेनी विदेश मंत्री ने संकेत दिया कि यूक्रेन अग्रिम पंक्ति पर बिना शर्त युद्धविराम सहित अन्य विकल्पों पर भी बातचीत के लिए तैयार है और ऐसी सहमति राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की तथा रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच शिखर वार्ता का परिणाम हो सकती है। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र और तुर्की के सहयोग से काला सागर में अनाज जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए नये सिरे से वार्ता आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।इससे पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय मंच (वाल्दाई फोरम) पर बोलते हुए यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना की थी। श्री पुतिन ने कहा कि श्री मोदी के पास यूक्रेन संकट के परस्पर स्वीकार्य और स्थायी समाधान के लिए “बेहद व्यावहारिक और बेहतरीन सुझाव” हैं। श्री पुतिन ने कहा कि श्री मोदी हर द्विपक्षीय बातचीत में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हैं और शांति स्थापना के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सराहनीय है।