रूस में सबसे अधिक बिल्ली पालने वाले परिवार, आवारा बिल्लियों की संख्या 28 लाख

रूस में सबसे अधिक बिल्ली पालने वाले परिवार, आवारा बिल्लियों की संख्या 28 लाख

मॉस्को, 03 अक्टूबर । रूस में दुनिया के किसी भी अन्य देश की तुलना में सबसे अधिक परिवारों के पास बिल्लियां हैं। यहां करीब 59 प्रतिशत परिवार कम से कम एक बिल्ली पालते हैं। देश की सड़कों पर करीब 28 लाख आवारा बिल्लियाें के रहने का अनुमान है।’सीसिया स्टेट्स’ के 2024-2026 के अध्ययन के अनुसार, पालतू बिल्लियां रखने के मामले में रूस दुनिया में पहले स्थान पर है। यूरोप में रोमानिया 48 प्रतिशत के साथ दूसरे, पोलैंड 41 प्रतिशत के साथ तीसरे, लातविया 37 प्रतिशत और हंगरी 35 प्रतिशत के साथ इसके बाद हैं। इंडोनेशिया, फिलीपींस, थाईलैंड, न्यूजीलैंड और अमेरिका भी दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल हैं।

ये निष्कर्ष बीमा कंपनी इन्गोस्स्त्राख और फाइनेंशियल यूनिवर्सिटी के 2023 के अध्ययन से भी मेल खाते हैं, जिसमें 58.8 प्रतिशत रूसी उत्तरदाताओं ने खुद को बिल्ली पालने वाला बताया था।आवारा पशुओं के आंकड़े सेंटर फॉर एनिमल न्यूट्रिशन एंड वेल-बीइंग स्टडीज, निका एनिमल चैरिटी और शोध कंपनी इप्सोस के अलग अध्ययन से सामने आये हैं। इसके अनुसार 2025 में रूस में आवारा पशुओं की कुल संख्या करीब 36 लाख थी, जिनमें 28 लाख बिल्लियां और आठ लाख कुत्ते शामिल थे।

अध्ययन के समय करीब 1.70 लाख पशु आश्रय गृहों में थे, जबकि बाकी सड़कों पर रह रहे थे। शोधकर्ताओं के अनुसार, आवारा बिल्लियों और कुत्तों में से 98 प्रतिशत तक कभी घरेलू पालतू पशु रहे होंगे और उनके मालिकों ने उन्हें छोड़ दिया।पशु कल्याण संगठनों ने सितंबर 2022 में रूस द्वारा आंशिक लामबंदी की घोषणा के बाद पालतू पशुओं को छोड़े जाने के मामलों में तेज वृद्धि दर्ज की। बुलावे के आदेश पाने वाले कई पुरुष देश छोड़ने या मोर्चे पर जाने की तैयारी में थे और कई मामलों में वे अपने पालतू पशुओं की देखभाल की व्यवस्था नहीं कर सके या आश्रय गृह नहीं खोज पाये।

वर्गीकृत विज्ञापन वेबसाइटों पर कुछ मालिकों ने यह भी धमकी दी कि यदि उनके पशुओं को कोई नहीं अपनाता तो उन्हेंमरवा दिया जाएगा। आश्रय गृहों के स्वयंसेवकों ने प्रत्यक्ष रूप से पशु सौंपने पहुंचे लोगों से भी इसी तरह की चेतावनियां मिलने की बात कही।

रूस में 819 पशु आश्रय गृह हैं, जिनमें अधिकांश निजी तौर पर संचालित हैं। इनके अलावा सैकड़ों पशु कल्याण संस्थाएं और हजारों स्वयंसेवक काम करते हैं। ये सभी मिलकर करीब 1.70 लाख से 2.50 लाख पशुओं की देखभाल करते हैं, जो अनुमानित आवारा पशु आबादी का केवल पांच से सात प्रतिशत है।

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