
आईची नागोया, 04 अक्टूबर । ट्रैप शूटर नीरू ढांडा ने रविवार को नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित एशियन गेम्स 2026 के समापन समारोह में ध्वजवाहक रहीं और भारतीय तिरंगा अपने हाथों में थामे रखा। इसके साथ ही महाद्वीपीय खेलों के 20वें संस्करण का समापन हो गया।
नीरू ढांडा को ध्वजवाहक बनने का सम्मान आइची-नागोया में एशियन गेम्स 2026 के यादगार अभियान के बाद मिला, जहां उन्होंने दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता। नीरू उन चार भारतीयों में से एक थीं जिन्होंने तीन पदक के साथ अपना अभियान खत्म किया। बाकी खिलाड़ियों में आर्चर कुमकुम मोहोद, लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह और क्वार्टर-माइलर विथ्या रामराज शामिल थे।27 साल की नीरू ट्रैप शूटिंग में व्यक्तिगत एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। इसके बाद उन्होंने आशीमा अहलावत और मनीषा कीर के साथ मिलकर महिला टीम इवेंट में रजत पदक हासिल किया। फिर उन्होंने कीनन चेनाई के साथ मिलकर मिक्स्ड टीम ट्रैप का गोल्ड मेडल जीता। भारतीय शूटर्स ने इन खेलों का समापन 15 मेडल – तीन गोल्ड, आठ सिल्वर और चार ब्रॉन्ज़ – के साथ किया।
नीरू ने कहा, “यह वाकई एक खास अनुभव रहा क्योंकि यह मेरा पहला एशियन गेम्स था। वूमेंस ट्रैप इवेंट में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक था और 1978 के बाद ट्रैप में जीता गया पहला स्वर्ण था। “अपने पहले ही एशियन गेम्स से तीन पदक लेकर लौटना, जिनमें दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल शामिल है। यह सभी पदक रिकॉर्ड के साथ जीते गए हैं, जो सचमुच बहुत खास है। इससे बेहतर की मैं उम्मीद भी नहीं कर सकती थी।”एशिया भर के एथलीटों के साथ बाकी भारतीय दल के स्टेडियम में आने से पहले नीरू ने राष्ट्रीय ध्वज लेकर परेड ऑफ नेशंस का नेतृत्व किया। जब एथलीट आइची-नागोया 2026 में अंतिम उपस्थिति दर्ज कराने सबके सामने आए, तो वॉलंटियर्स ने उनके साथ डांस किया।
समापन समारोह ‘वन एशिया’ की थीम पर आधारित था, जिसमें एथलीट मुख्य मंच के चारों ओर जमा हुए और कार्यक्रम में पार्कोर परफॉर्मर्स और लेजर डिस्प्ले शामिल थे।हैंडओवर सेरेमनी के तहत, नई दिल्ली में हुए पहले एशियाई खेलों 1951 की मशाल और झंडे को स्टेडियम में परेड के जरिए लाया गया। इसके बाद कतर के प्रतिनिधिमंडल को सौंपा गया।
ओसीए का फ्लैग भी कतर को सौंपा गया। ओलंपिक चैंपियन और तीन बार के वर्ल्ड हाई जंप चैंपियन मुताज बरशिम ने इसे स्वीकार किया। दोहा 2030 में अगले एशियन गेम्स की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है।दोहा दूसरी बार एशियन गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले साल 2006 में इस महाद्वीपीय इवेंट की मेजबानी की थी। 24 साल बाद यह आयोजन दोहा में होगा।
भारत एशियन गेम्स 2026 की मेडल टैली में में 85 पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया। भारत ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक जीते। भारत ने सबसे ज्यादा पदक एथलेटिक्स में जीते, जिसमें 24 पदक मिले। इसके बाद निशानेबाजी ने 15 पदक दिलाए। तीरंदाजी में भारत ने पांच स्वर्ण पदक जीते। भारत ने कुल 21 खेलों में पदक हासिल किए।