लखनऊ में गोमती की बाढ़ से रिहायशी इलाके बने टापू, राहत अभियान तेज

लखनऊ में गोमती की बाढ़ से रिहायशी इलाके बने टापू, राहत अभियान तेज

लखनऊ, 07 अक्टूबर। गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित क्षेत्रों में योगी सरकार के निर्देश पर राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बुधवार को पूरे दिन जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।उन्होंने जोन-6 के सैठा तथा जोन-3 के लोहरामऊ, फैजुल्लागंज, दाउद नगर और मिल्लत नगर समेत विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नावों के संचालन, पेयजल, स्वच्छता, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और राहत सुविधाओं की समीक्षा की।

प्रभावित क्षेत्रों में करीब 20 पानी के टैंकर भेजे गए हैं और 10 हजार लीटर पैकेज्ड पेयजल उपलब्ध कराया गया है। प्रभावित परिवारों के लिए 12 अस्थायी रैन बसेरे तैयार किए गए हैं, जिनमें दाउद नगर में 10 तथा लोहरामऊ और मिल्लत नगर में एक-एक रैन बसेरा शामिल है। जोन-6 में करीब 35 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि 26 लोग रैन बसेरों में रह रहे हैं।पल्टन छावनी, उमराव हाता और इंजीनियरिंग कॉलेज के पीछे 100-100 बेड क्षमता वाले स्थायी रैन बसेरे भी उपलब्ध हैं। इनमें बेड, फोल्डिंग, पंखे, कूलर, प्रकाश व्यवस्था और मोबाइल चार्जिंग के लिए 12 पॉइंट की सुविधा दी गई है।

राहत कार्यों के तहत जिला प्रशासन की 90 नावें प्रभावित क्षेत्रों में संचालित हैं। नगर निगम की टीमें राहत सामग्री की लोडिंग, अनलोडिंग और वितरण में प्रशासन का सहयोग कर रही हैं। दाउद नगर में दो शिफ्टों में 25-25 कर्मचारियों तथा लोहरामऊ और मिल्लत नगर में 25-25 कर्मचारियों को लगाया गया है।जोन-6 के सैठा, दौलत खेड़ा, मुन्नू खेड़ा, टांड खेड़ा, सुखलाल खेड़ा, गुलमी खेड़ा और हयातगंज समेत विभिन्न क्षेत्रों में नावों और स्टीमर से लोगों की आवाजाही तथा राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य जारी है। लक्ष्मी हॉस्पिटल के पीछे राहत सामग्री वितरण के लिए एक नाव विशेष रूप से लगाई गई है।

यादव चौराहे से मामा कॉलोनी तक करीब 250 सफाईकर्मी लगातार स्वच्छता कार्य में जुटे हैं। प्रभावित क्षेत्रों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है। करीब 150 एकड़ क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से एमएलओ और एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा चुका है।जलभराव वाले उन स्थानों पर, जहां सामान्य मशीनों से पहुंचना कठिन है, ड्रोन से दवा का छिड़काव किया जा रहा है। इसके अलावा छह मैनुअल और छह बड़ी फॉगिंग मशीनों तथा एलएसए की दो बड़ी मशीनों से भी दवा का छिड़काव कराया जा रहा है।

नगर आयुक्त ने ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती युनिवर्सिटी में बनाए गए अस्थायी भंडार केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां उपलब्ध राहत सामग्री और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था देखी तथा प्रभावित क्षेत्रों तक सामग्री समय से पहुंचाने के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली।नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलस्तर कम होने के बाद की स्थिति से निपटने की तैयारी भी पूरी रखी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र के लिए अलग-अलग टीमें निर्धारित की जा रही हैं। पानी उतरते ही इन टीमों द्वारा सड़कों और बस्तियों में जमा कीचड़, कचरे और गंदगी की सफाई के साथ ब्लीचिंग पाउडर, एंटी लार्वा तथा आवश्यक दवाओं का छिड़काव और फॉगिंग कराई जाएगी। इसका उद्देश्य जलभराव के बाद संक्रामक एवं मच्छरजनित बीमारियों के संभावित प्रसार को नियंत्रित करना है।

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