विराट के प्रवक्ता ने संत प्रेमानंद के प्रचार के फलाहारी महाराज के दावों को झूठा करार दिया

विराट के प्रवक्ता ने संत प्रेमानंद के प्रचार के फलाहारी महाराज के दावों को झूठा करार दिया

मथुरा 07 अक्टूबर । श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष फलाहारी महाराज (दिनेश शर्मा) द्वारा क्रिकेटर विराट कोहली को आश्रम में लाने के बदले पांच करोड़ रुपये के लेन-देन के सनसनीखेज दावों के बाद अब विराट कोहली की आधिकारिक टीम की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। कोहली के प्रवक्ता ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत और तथ्यात्मक रूप से गलत करार दिया है।विराट कोहली के प्रवक्ता ने एक प्रेस बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि फलाहारी महाराज द्वारा लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। प्रवक्ता का कहना है कि विराट कोहली संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए किसी लेन-देन या प्रचार के तहत नहीं, बल्कि केवल अपनी व्यक्तिगत आस्था और अटूट श्रद्धा भाव के कारण ही वृंदावन जाते हैं। टीम ने मीडिया और आम जनता से भी अपील की है कि वे ऐसे असत्यापित बयानों पर भरोसा न करें और बिना जांच-पड़ताल के किसी खबर को प्रसारित न करें।

दूसरी तरफ, फलाहारी महाराज अपने दावों पर कायम हैं और उन्होंने इस पूरे मामले की जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि शुरुआत में न तो विराट कोहली महाराज जी को जानते थे और न ही महाराज जी कोहली को। एक पीआर कंपनी, मीडिएटर्स और प्रॉपर्टी ग्रुप ने विराट कोहली को आश्रम से जोड़ने के लिए पांच करोड़ रुपये का सौदा किया था, जिसमें से दो करोड़ रुपये खातों में और तीन करोड़ रुपये नकद दिए गए थे।फलाहारी महाराज ने चुनौती दी है कि यदि विराट कोहली की कंपनी, संबंधित पीआर एजेंसियों और आश्रम के सेवादारों के बैंक खातों की सीबीआई या किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जाए, तो पूरी सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी। हालाँकि, फलाहारी महाराज ने यह भी जोड़ा कि पहली मुलाकात के बाद विराट कोहली के मन में वास्तविक भक्ति जगी और वे महाराज जी के सच्चे शिष्य बन गए, जिसके बाद उन्होंने आश्रम के निर्माण और साधकों की सुविधाओं के लिए खुद काफी सहयोग राशि प्रदान की।

वहीं, केली कुंज आश्रम से जुड़े सेवादारों और प्रतिनिधियों ने फलाहारी महाराज के इन आरोपों को आश्रम और संत की छवि धूमिल करने की साजिश बताया है। आश्रम का कहना है कि विराट कोहली और अनुष्का शर्मा विशुद्ध रूप से संत दर्शन के लिए आते हैं। आश्रम की ओर से फलाहारी महाराज के इन बेबुनियाद बयानों के खिलाफ एक करोड़ रुपये का मानहानि का लीगल नोटिस भी जारी किया गया है। विराट कोहली की टीम द्वारा आए स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि क्रिकेटर की वृंदावन यात्रा का आधार पूरी तरह से उनकी व्यक्तिगत आध्यात्मिक आस्था ही है।

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