
मथुरा 08 अक्टूबर । वृंदावन में साधक रसिक दुलारी शरण की मौत के 14 दिन बाद संत प्रेमानंद महाराज गुरुवार को वृंदावन स्थित अपने केली कुंज आश्रम पहुंचे। महाराज जी को अचानक अपने बीच देखकर उनके अनुयायियों और भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई।संत प्रेमानंद महाराज सुबह करीब पांच बजे मांट के जहांगीरपुर खादर स्थित यमुना विहार कुंज आश्रम से वृंदावन के रमण रेती क्षेत्र स्थित केली कुंज आश्रम पहुंचे। वे गाड़ियों की काफिले से आश्रम आये। आश्रम में 5 से 10 मिनट रुकने के बाद वह वराह घाट स्थित अपने गुरु श्री हित गोविंद शरण महाराज के आश्रम पहुंचे। वहां गुरु के दर्शन करने के बाद वह फिर यमुना विहार कुंज आश्रम के लिए रवाना हो गए। महाराज जी के झलक पाते ही भक्त श्री हरिवंश और राधे राधे का जाप करने लगे।
गौरतलब है कि संत प्रेमानंद महाराज के साधन रसिक दुलारी शरण की मौत 25 सितंबर को हुई थी। बताया गया है कि उन्होंने गुरु कृपा कुंज की छत से कूद कर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद संत प्रेमानंद महाराज ने दीक्षा सत्संग और दर्शन पर रोक लगा दी थी। घटना के बाद से ही इस मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे थे।महाराज जी के केली कुंज आश्रम आगमन से सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर भी विराम लग गया है। अनु भाइयों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए उनावा को खारिज किया जिनमें कहा जा रहा था कि महाराज जी हमेशा के लिए केली कुंज आश्रम छोड़कर एकांतवास में चले गए हैं। आज के दर्शन के बाद अफवाह फैलाने वालों को भी जबाब मिल गया।