
नयी दिल्ली, 08 अक्टूबर । अमेरिका ने भारतीय कंपनी इंफोसिस, टाटा, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और विप्रो समेत दुनिया की कुछ बड़ी आईटी कंपनियों पर भारत या किसी अन्य देश से अमेरिका में स्थायी कर्मचारी ले जाने पर रोक लगा दी है।अमेरिका के श्रम मंत्री कीथ सोंडर्लिंग ने व्हाइट हाउस में एक प्रेस वार्ता में इसकी घोषणा की। उन्होंने इन चार भारतीय कंपनियों के अलावा अमेरिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट, एडॉबी तथा कॉग्निजेंट और फ्रांसीसी कंपनी कैपजेमिनी के लिए स्थायी श्रमिक प्रमाणन (पीईआरएम) कार्यक्रम समाप्त करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब ये कंपनियां इस कार्यक्रम में कोई नया आवेदन नहीं कर सकेंगी। पहले से लंबित आवेदन भी रद्द कर दिए जाएंगे।
श्री सोंडर्लिंग ने कहा कि 2009 से इन कंपनियों ने अमेरिका के साथ धोखाधड़ी की है। इन 17 वर्षों में उन्होंने 30 लाख विदेशी कर्मचारियों के लिए आवेदन किया है। उन्हें 2.3 लाख एच-1बी वीजा और एक लाख स्थायी श्रमिक प्रमाणन जारी किए गए हैं।अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट एक बड़ी कंपनी है, लेकिन उसने पिछले कुछ पिछले कुछ समय में जितने अमेरिकी कर्मचारियों को निकाला है, उससे डेढ़ गुना विदेशियों को रखा है।
अमेरिका का यह फैसला भारतीय आईटी कंपनियों के लिए बड़ा झटका है। वे बड़ी संख्या में अमेरिका में भारतीय तथा दूसरे देशों से भी कर्मचारियों को ले जाती हैं।