
लखनऊ, 08 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश रोलर फ्लोर मिलर्स एसोसिएशन (यूपीआरएफएमए) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में उद्योग एवं व्यापार जगत के हित में की गई सिफारिशों का स्वागत किया है।एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं आईआईए के राष्ट्रीय महासचिव दीपक कुमार बजाज ने कहा कि जीएसटी परिषद के प्रस्तावित सुधार कर व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सरल, व्यावहारिक और उद्योग-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने जीएसटी के तहत गिरफ्तारी संबंधी प्रावधान समाप्त करने और अभियोजन की मौद्रिक सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर पांच करोड़ रुपये करने की सिफारिश का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि इससे ईमानदारी से कारोबार करने वाले उद्यमियों का विश्वास बढ़ेगा और अनावश्यक कानूनी भय कम होगा। व्यापारी और उद्योगपति अर्थव्यवस्था, रोजगार सृजन तथा राजस्व वृद्धि के महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। कर व्यवस्था का उद्देश्य केवल दंडात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करना और कारोबार के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी होना चाहिए।बजाज ने सामान्य जुर्माने की अधिकतम सीमा 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये करने, 10,000 रुपये से कम कर राशि पर कारण बताओ नोटिस जारी नहीं करने, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) और रिफंड प्रक्रिया को सरल बनाने तथा पात्र मामलों में स्वचालित रिफंड की सिफारिशों को भी उद्योग के लिए लाभकारी बताया।
उन्होंने कहा कि ई-वे बिल और माल परिवहन से जुड़े सुधारों, विशेष सूचना एवं सक्षम अधिकारी की अनुमति के आधार पर वाहनों की जांच तथा ट्रांजिट राज्यों में अनावश्यक अवरोध रोकने की सिफारिश से माल परिवहन सुगम होगा। जीएसटी पंजीकरण, रिटर्न और अनुपालन की ऑनलाइन प्रक्रियाओं में सरलीकरण से व्यापार करने में भी आसानी होगी।बजाज ने कहा कि रोलर फ्लोर मिलिंग एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में कच्चे माल की खरीद, गेहूं परिवहन, मशीनरी में निवेश, तैयार उत्पादों की आपूर्ति और कार्यशील पूंजी का विशेष महत्व है। ऐसे में जीएसटी प्रक्रियाओं का सरलीकरण, समयबद्ध रिफंड और अंतरराज्यीय परिवहन में अनावश्यक रुकावटों की समाप्ति इस उद्योग के लिए विशेष रूप से लाभकारी होगी।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में रोलर फ्लोर मिलें संचालित हैं। ये उद्योग किसानों, परिवहन व्यवसाय, श्रमिकों तथा बिस्कुट, ब्रेड, बेकरी और अन्य खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों से सीधे जुड़े हैं। एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति उद्योग-अनुकूल सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए आभार व्यक्त किया।