
नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर। भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक और अध्यक्ष सुनील भारती मित्तल को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘लेज्यॉं द’ऑनर’ के नाइट की उपाधि प्रदान करने की घोषणा की है।श्री मित्तल को भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के उनके दीर्घकालिक प्रयासों तथा दूरसंचार और डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए इस सम्मान के लिए चुना गया है। 28 अक्टूबर को नई दिल्ली स्थित फ्रांस के दूतावास में आयोजित एक विशेष समारोह में यह सम्मान प्रदान किया जाएगा। फ्रांस के इतिहास के जाने-माने योद्धा नेपोलियन बोनापार्ट ने साल 1802 में ‘लेज्यॉं द’ऑनर’ की स्थापना की थी।भारत में फ्रांस के राजदूत थिएरी मातू ने कहा, “सुनील भारती मित्तल वर्ष 1992 में एयरटेल के शुरुआती दिनों से ही तीन दशक से अधिक समय से फ्रांस के मित्र रहे हैं। उन्होंने दशकों से लगातार इन संबंधों को मजबूत किया है और यह दिखाया है कि फ्रांसीसी और भारतीय कारोबारी प्रयास मिलकर क्या हासिल कर सकते हैं। आज वह यूटेलसैट के उपाध्यक्ष के रूप में इन संबंधों को आगे बढ़ा रहे हैं। यह ऐसे समय में हो रहा है, जब हमारे दोनों देश अंतरिक्ष और डिजिटल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्हें ‘लेज्यॉं द’ऑनर’ प्रदान करके फ्रांस के राष्ट्रपति एक ऐसे उल्लेखनीय कारोबारी नेता को सम्मानित कर रहे हैं, जिन्होंने भारत में फ्रांस को एक स्थायी साझेदार बनाने में योगदान दिया है।”
इस घोषणा पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में श्री मित्तल ने कहा, “फ्रांस द्वारा दिए गए इस गरिमापूर्ण सम्मान से मैं अत्यंत भावुक और अभिभूत हूं। फ्रांस के साथ मेरा जुड़ाव 1992 में एयरटेल की स्थापना के समय शुरू हुआ था। उस समय ‘कॉम्पान्यी जेनेराल दे ज़ो’ ने भारत में मोबाइल दूरसंचार सेवाएं शुरू करने के लिए भारती के साथ साझेदारी की थी। यह जुड़ाव आज भी यूरोप की अग्रणी उपग्रह कंपनी यूटेलसैट के सह-अध्यक्ष के रूप में मेरी भूमिका के माध्यम से जारी है।” उन्होंने इस सम्मान के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति का आभार जताया।श्री मित्तल को वर्ष 2007 में भारत सरकार ने पद्म भूषण से सम्मानित किया था। वर्ष 2024 में वह ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय द्वारा ‘मोस्ट एक्सीलेंट ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर’ के नाइट कमांडर की उपाधि से सम्मानित होने वाले पहले भारतीय नागरिक बने थे।