
प्रयागराज, 13 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि 23 अक्टूबर को होने वाले शिक्षक स्नातक विधान परिषद के 11 सीटों पर हो रहे चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सभी सीटों पर जीत दर्ज करेगी। श्री मौर्य ने मंगलवार को यहां झांसी इलाहाबाद स्नातक सीट के दावेदारों के साथ की गयी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सभी दावेदारों ने भाजपा प्रत्याशी अशोक कुमार राठौर को समर्थन दिया है।उन्होने कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी लगातार देश का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे है। 2014 से लगातार भाजपा की केंद्र में सरकार चल रही है। भाजपा सरकार के खाते में दर्जनों उपलब्धियां हैं। गरीबों का सशक्तिकरण हो रहा है,युवाओं के भविष्य के निर्माण की हर बाधा को दूर करते हुए सरकार चल रही है। किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में काम हुआ है, देश को आर्थिक महाशक्ति के रूप में बनाने का काम हुआ है, वैश्विक स्तर पर देश का मान सम्मान बढ़ाने का काम किया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव जनता की अदालत में पराजित हो चुके हैं। सभी पराजित दल इंडिया गठबंधन का हिस्सा बन गए हैं,कांग्रेस, सपा,आम आदमी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना और वामपंथी पार्टियां एकजुट हो गई है। एसआईआर के मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने स्वतंत्र भारत के इतिहास की सबसे घटिया हरकत की है। कांग्रेस ने ईमेल के माध्यम से सीजेआई से संपर्क किया।उन्होंने कहा कि अपनी आवाज उठाने का सबको अधिकार है, लेकिन देश में अराजकता फैलाने का कोई अधिकार नहीं है।भाजपा ने विश्व की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते एसआईआर में हिस्सा लिया,लेकिन विपक्षी नेता चाहते हैं कि जो वह कह रहे हैं वही सही है, उन्होंने कहा विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अखिलेश यादव सत्ता वियोग में विचलित हो गए हैं,अखिलेश यादव मुलायम सिंह यादव के पुत्र होने के नाते मुख्यमंत्री की कुर्सी पर जन्मसिद्ध अधिकार मानते हैं,ऐसे ही तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी भी पश्चिम बंगाल के लिए मानती थी।
डिप्टी सीएम ने कहा है कि विरोधी राजनीतिक दल मुद्दा विहीन है, यह संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। जनता का विपक्षी दलों के आंदोलन का समर्थन नहीं मिला है,जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी। इंडिया गठबंधन के दलों में अगर भाजपा का मुकाबला करने की शक्ति नहीं है तो सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। बेवजह इस तरह के आंदोलन की कोशिश न करें। 2027 में भी उत्तर प्रदेश में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार बनने जा रही है और समाजवादी पार्टी का सूपड़ा साफ होगा।