ज्ञानेश का इस्तीफा, एसआईआर रोकने तक चलता रहेगा इंडिया गठबंधन का आंदोलन

ज्ञानेश का इस्तीफा, एसआईआर रोकने तक चलता रहेगा इंडिया गठबंधन का आंदोलन

नयी दिल्ली, 13 अक्टूबर। इंडिया गठबंधन ने लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया रोकने की मांग पूरी होने तक अपना आंदोलन जारी रखने का संकल्प जताया है।लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इंडिया गठबंधन के नेताओं, विपक्षी सांसदों और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों को मंगलवार को अपने आवास पर चाय पर आमंत्रित कर आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा की, जिसमें कहा गया कि पिछले चार दिनों के आंदोलन से लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए विपक्ष की एकजुटता प्रदर्शित हुई है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा, एसआईआर प्रक्रिया को रोकने तथा श्री ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इंडिया गठबंधन के नेताओं ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दिए जाने और प्रदर्शन स्थल को दिल्ली की सीमा पर स्थानांतरित किए जाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि यह सरकार के डर को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार अपने गलत कार्यों के कारण बहुत डरी हुई है और उसे जनता की मांग को पूरा करना ही होगा। उनका कहना था कि इंडिया गठबंधन वोट चोरी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध है।श्री गांधी की चाय पार्टी में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, राष्ट्रीय जनता दल नेता तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस की सांसद सागरिका घोष, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी. राजा, माकपा के राष्ट्रीय महासचिव एम. ए. बेबी, शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई, झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ मांझी, समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज और विदुथलाई चिरुथैगल काची के नेता थोल तिरुमावलवन सहित इंडिया गठबंधन के अन्य नेता तथा छात्र नेता शामिल हुए।

बाद में श्री खरगे ने कहा कि पिछले चार दिनों में इंडिया गठबंधन के कार्यक्रमों को जबरदस्त सफलता मिली है। इस काम को आगे बढाने में श्री गांधी और अन्य नेताओं ने अहम भूमिका निभाई है और जनता के मुद्दों को पूरी गंभीरता तथा समर्पण के साथ उठाया। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना असाधारण बात है और दिल्ली में पहली बार युवा तथा आम नागरिक अपनी पहल पर इतनी बड़ी संख्या में एक साथ आए हैं। गठबंधन के सभी लोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की वोट चोरी की योजना को पूरी तरह उजागर करने के लिए तैयार हैं।श्री गांधी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर प्रक्रिया खत्म करने की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इसमें चाहे कल, परसों, तीन महीने, छह महीने, एक साल या दो साल लग जाएं, वह पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों में जिस ऊर्जा, ताकत और एकजुटता के साथ संघर्ष किया गया है, उसी भावना के साथ आगे भी लड़ाई जारी रखी जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस साजिश का मुख्य सूत्रधार, गृह मंत्री अमित शाह को अमली जामा पहनाने वाला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इसमें शामिल बताते हुए उन्होंने कहा कि संविधान को नष्ट करके बच निकलना इतना आसान नहीं होगा। विपक्ष का प्रदर्शन किसी एक राजनीतिक दल का नहीं बल्कि देश की जनता की आवाज का आंदोलन है। उन्होंने दिल्ली और देश के विभिन्न हिस्सों से आये उन लोगों का आभार जताया जिन्होंने इस संघर्ष में साथ दिया और कहा कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।कांग्रेस नेता ने कहा कि यह अलग-अलग या समानांतर विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि एक ही उद्देश्य के लिए चल रहा आंदोलन है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र को नष्ट किया जा रहा है, चुनाव व्यवस्था को कमजोर किया गया है और संविधान को तार-तार किया गया है श्री गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति का मंच रहा है, लेकिन सरकार ने वहां विरोध प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है। विपक्ष इस फैसले को चुनौती देगा। उन्होंने कहा कि सरकार यह तय नहीं कर सकती कि भारतीय जनता अपनी आवाज उठाने के लिए संघर्ष न करे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को समझना चाहिए कि अब उनके चारों ओर शिकंजा कस रहा है और संविधान को नष्ट करके वे बच नहीं सकते। उच्चतम न्यायालय, भारत के मुख्य न्यायाधीश और न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में न्यायपालिका की भी भूमिका है। उनका कहना था कि राजनीतिक प्रतिरोध और जनता का प्रतिरोध जारी रहेगा और अंततः जीत हासिल होगी।श्री तेजस्वी यादव ने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी विपक्षी दल एकजुट हैं और इसके लिए जो भी बलिदान देना पड़ेगा, वे मिलकर देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी, श्री मोदी और श्री शाह लोकतंत्र तथा संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं के बाद अब चुनाव आयोग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कठपुतली की तरह काम किया है और उन्हें इसके लिए जवाब देना होगा।

श्री यादव ने जंतर-मंतर को ऐतिहासिक महत्व का स्थान बताते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर परंपरागत रूप से विरोध प्रदर्शन होते रहे हैं। प्रदर्शन स्थल को दिल्ली की सीमा पर स्थानांतरित करना सरकार के डर को दर्शाता है। वोट चोरी और चुनावों में धांधली के लिए जिम्मेदार लोगों को देश की जनता के सामने जवाब देना होगा। लोकतंत्र और संविधान को बचाने की इस लड़ाई में विपक्ष एकजुट रहेगा और उसे सफलता मिलेगी।सुश्री घोष ने कहा कि हर दिन यह स्पष्ट होता जा रहा है कि श्री ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व वाला चुनाव आयोग भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को कमजोर कर रहा है और जब तक उनके नेतृत्व में आयोग काम करता रहेगा, देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन के सभी दल पूरी तरह एकजुट हैं और श्री ज्ञानेश कुमार को हटाने तथा उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रहेगा। सुश्री घोष ने हरियाणा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और बिहार में हुए चुनावों में कथित वोट चोरी की जांच कराने तथा संबंधित चुनाव अधिकारियों के खिलाफ भी आपराधिक कार्रवाई शुरू करने की मांग की। उन्होंने एसआईआर की प्रक्रिया रोकने, पुरानी मतदाता सूचियां बहाल करने और चुनाव आयोग को जवाबदेह बनाने की मांग दोहराई।

श्री राउत ने कहा कि श्री गांधी ने सभी नेताओं और सांसदों को चाय पर बैठक के लिए आमंत्रित किया था। बैठक में आगे की रणनीति को लेकर सभी के सुझावों और विचारों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि श्री ज्ञानेश कुमार, श्री मोदी और श्री शाह के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। यह लड़ाई केवल राष्ट्रीय राजधानी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी जारी रहेगी।श्री राजा ने कहा कि बैठक में देश की मौजूदा स्थिति और श्री ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अभियान आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई।

सुश्री सुले ने कहा कि इंडिया गठबंधन पूरी ताकत के साथ एकजुट है। संविधान को कमजोर किया जा रहा है, इसलिए पूरा विपक्ष बाबासाहेब डॉ भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली से लेकर जमीनी स्तर तक यह संघर्ष जारी रखा जाएगा।सुश्री मांझी ने कहा कि वह बैठक में अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व करने के लिए आई हैं।

समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज ने कहा कि प्रदर्शन स्थल बदलने से विपक्ष की आवाज दबने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार के रवैये ने विपक्ष के संघर्ष को और मजबूत किया है।श्री बेबी ने कहा कि निष्पक्ष रहने की जिम्मेदारी निभाने वाला व्यक्ति ज्ञानेश कुमार सत्तारूढ़ दल की टीम में शामिल हो गया है। इन लोगों ने पहले वोट चुराए, फिर लोकतंत्र छीना और अब विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल भी छीन लिया है। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन इन ‘वोट चोरों’ के खिलाफ एकजुट होकर लड़ाई जारी रखेगा।

अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि न्याय की इस लड़ाई में इंडिया गठबंधन एकजुट है।समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या करने वाले ‘वोट चोरों’ के खिलाफ आखिरी सांस तक लड़ाई लड़ी जाएगी और जीत हासिल होगी।

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