
नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर । वैश्विक रक्षा उद्योग क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमता (एआई) पर आधारित स्वचालित लड़ाकू विमानों के नए-नए मॉडलों के बीच भारत की एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित कंपनी ने देश में ए आई से संचालित पहले लड़ाकू विमान का पूरी तरह से तैयार प्रोटोटाइप का अनावरण किया है।बेंगलुरु की कंपनी फ्लाइंग वेज डिफेंस एंड एयरोस्पेस (एफडब्ल्यूडीए) ने एआई से संचालित देश के पहले लड़ाकू विमान कार्यक्रम ‘एफडब्ल्यूडी सुप्रीम’ का पूर्ण प्रोटोटाइप पेश किया। कंपनी के अनुसार, यह विमान 1,500 किलो से अधिक वजन की श्रेणी का है और करीब 350 किलो तक का भार ले जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, इस विमान को अपने आप उड़ने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से काम करने के लिए विकसित किया जा रहा है। इसकी अधिकतम गति ध्वनि की गति की 0.8 से 0.85 गुना और उड़ान की सीमा 1,500 किलोमीटर से अधिक रखने की योजना है। इसमें पंखों जैसी बनावट और हथियार रखने के लिए जगह होगी।
कंपनी इस विमान में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) का विकसित ‘माणिक’ टर्बोफैन इंजन लगाने की योजना बना रही है। इसका उद्देश्य विदेशी कलपुर्जों पर निर्भरता कम करना है।कंपनी ने इसके छोटे संस्करण ‘एफडब्ल्यूडी सुप्रीम लाइट’ के बारे में कहा है कि यह सेना के लिए बनाया जा रहा है और 90 प्रतिशत स्वदेशी है। इसमें कोयंबटूर की कंपनी यूएमएस का बना भारतीय इंजन लगा है। यह संस्करण टैक्सी परीक्षण पूरा कर चुका है और अगले दो महीने में इसकी पहली उड़ान की तैयारी है।
कंपनी के अनुसार, एफडब्ल्यूडी सुप्रीम कार्यक्रम को कई चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा। अगले चरण में प्रौद्योगिकी का विकास, परीक्षण और विभिन्न प्रणालियों को जोड़ने पर ध्यान दिया जाएगा।