
नयी दिल्ली , 14 अक्टूबर। रणजी ट्रॉफी मुकाबलों में बुधवार को बंगाल और गुजरात ने आसान जीत दर्ज की। वहीं जम्मू-कश्मीर बनाम मध्यप्रदेश मुकाबला ड्रा रहा।
सिद्धार्थ देसाई (पांच विकेट) और अरज़ान नागवासवाला (तीन विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन की बदौलत गुजरात ने एलीट ग्रुप सी मुकाबले में ओडिशा को 10 विकेट हरा दिया। आज यहां ओडिशा ने दूसरी पारी में कल के चार विकेट पर 119 रन से आगे खेलना शुरु किया। सुबह के सत्र में सिद्धार्थ देसाई ने संबित बेजा (चार) रन को आउट कर गुजरात को पांचवी सफलता दिलाई। इसके बाद स्वास्तिक समल (एक), आशीर्वाद स्वैन (पांच) और राजेश मोहंती (तीन) को भी देसाई ने अपना शिकार बनाया। 47वें ओवर की पहली गेंद पर चितन गजा ने ललित यादव (छह) रन को बोल्ड कर 161 रनों के स्कोर पर गुजरात की दूसरी पारी का अंत कर दिया।
गुजरात को जीत के लिए 47 रनों का लक्ष्य मिला। जिसे उसने 9.3 ओवरों में बिना कोई विकेट गंवाये हसिल कर लिया। आर्य देसाई ने 27 गेंदों में सात चौकों की मदद से नाबाद 37 रनों की पारी खेली। अभिषेक देसाई आठ रन बनाकर नाबाद रहे।
गुजरात ने पहली पारी में वेदांत त्रिवेदी (108), आर्य देसाई (94) और उर्विल पटेल (85) और हर्षल पटेल (60) रनों पारियों की मदद से 106.4 ओवरोे में 439 रन बनाये थे। वहीं ओडिशा ने पहली पारी में गौरव चौधरी (137) और संदीप पटनायक (69) की पारियो के दम पर 324 रन बनाये थे। वेदांत त्रिवेदी को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ मैच’ का पुरस्कार मिला। गुजरात इस जीत के साथ बोनस पॉइंट भी हासिल किया।
एक अन्य मैच में प्रदीप्त प्रमाणिक (तीन विकेट), आमिर गनी तथा सुमंता गुप्ता दो-दो विकेट) के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शन के बाद कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन (नाबाद 34) और अंकुर पॉल (38) की शानदार पारियों की बदौलत बंगाल ने एलीट ग्रुप सी मुकाबले में दिल्ली को नौ विकेट से हरा दिया।दिल्ली के कप्तान आयुष बडोनी की संघर्षपूर्ण 85 रनों की पारी के बावजूद बंगाल ने रणजी ट्रॉफी अभियान की विजयी शुरुआत की। दिल्ली ने दिन की शुरुआत 101/3 से की और लगातार विकेट गंवाते रहे, जिससे उनकी दूसरी पारी 277 रन पर सिमट गई। प्रदीप्त प्रमाणिक ने तीन विकेट लिए, जबकि आमिर गनी और सुमंत गुप्ता ने दो-दो विकेट लिए। जीत के लिए केवल 89 रनों की जरूरत थी, बंगाल ने 15.3 ओवर में यह लक्ष्य हासिल कर लिया। अंकुर पॉल ने 38 रन बनाए जबकि कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन अंत तक नाबाद रहे और 34 रन बनाए।
वहीं दिल्ली में सर्विसेज के खिलाफ़ महाराष्ट्र की 127 रनों की जीत में विक्की ओस्तवाल के पांच विकेट लेने का कारनामा अर्जुन शर्मा के पांच विकेट लेने के कारनामे पर भारी पड़ा। चौथे दिन पांच विकेट पर 66 रन के स्कोर से अपनी दूसरी पारी को आगे बढ़ाते हुए, महाराष्ट्र का स्कोर 102/2 हो गया था, लेकिन राजवर्धन हंगरगेकर के 43 रनों की बदौलत वे 141 रन तक पहुंचे। जीत के लिए 248 रनों की जरूरत थी, लेकिन सर्विसेज को लक्ष्य का पीछा करने का मौका नहीं मिला क्योंकि ओस्तवाल ने सिद्धेश वीर (3-27) और हितेश वालुंज (2-28) के साथ मिलकर लगातार अंतराल पर विकेट लिए और आखिरकार विपक्षी टीम को 120 रन पर ऑल आउट कर दिया।
भार्गव भट्ट के पांच विकेट और महेश पिठिया के चार विकेटों की बदौलत बड़ौदा ने पणजी में गोवा के खिलाफ़ एक पारी और 135 रनों से बड़ी जीत हासिल की और मैच से सात अंक बटोरे। फॉलो-ऑन मिलने के बाद दूसरी पारी में एक विकेट पर 35 रन से दिन की शुरुआत करने वाली गोवा की टीम 138 रनों पर सिमट गई। भट्ट और पिठिया ने मैच में कुल नौ-नौ विकेट लिए।ध्रुव शोरे और अमन मोखाडे की अर्धशतकीय पारियों और हर्ष दुबे के चार विकेटों की मदद से विदर्भ ने पुडुचेरी पर 160 रनों से जीत दर्ज की। विदर्भ ने अपनी दूसरी पारी तीन विकेट पर 175 रन पर घोषित की और पुडुचेरी को 291 रनों का लक्ष्य दिया। पुडुचेरी की टीम लक्ष्य से काफी पीछे रह गई; दुबे ने पार्थ रेखड़े (3-43) और अमन मोखाडे (2-31) के साथ मिलकर पुडुचेरी की बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर दिया और पूरी टीम 130 रनों पर आउट हो गई।
हरियाणा ने हिमाचल प्रदेश के खिलाफ़ सात विकेट से जीत हासिल की। दिन की शुरुआत तीन विकेट पर 26 रन से करने के बाद, उन्होंने चौथे दिन 71 रनों का लक्ष्य 10 ओवर से भी कम समय में हासिल कर लिया। कनिष्क चौहान, जिन्होंने अर्धशतक लगाया और दो विकेट लिए, ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ चुने गए।फेरोइजम जोटिन की नाबाद 105 रनों की पारी ने मणिपुर को मिजोरम के खिलाफ़ प्लेट ग्रुप मैच में रोमांचक जीत दिलाई। टीम ने तीन विकेट से मुकाबला जीता। जीत के लिए 228 रनों की जरूरत थी और मणिपुर ने दिन की शुरुआत बिना किसी नुकसान के 8 रन से की थी। खियांगटे वानरोटलिंगा और लालरेमपुइया ने दिन की शुरुआत में विपक्षी टीम को झटके दिए, जिससे स्कोर 5 विकेट पर 52 रन हो गया। लेकिन नंबर 7 पर बल्लेबाजी करने आए जोटिन ने जॉनसन सिंह (51) के साथ 114 रनों की साझेदारी कर मणिपुर की पारी को संभाला। जॉनसन और एल किशन सिंघा के जल्दी-जल्दी आउट होने से कुछ घबराहट भरे पल आए, जिससे मणिपुर का स्कोर सात विकेट पर 185 रन हो गया। लेकिन जोटिन अंत तक डटे रहे और आरएक्स राजकुमार के साथ मिलकर टीम को जीत दिलाई।विजयवाड़ा में आंध्र के खिलाफ मैच ड्रॉ रहा, जिसमें मेज़बान टीम ने पहली पारी में बढ़त हासिल की थी। ऐसे में करुण नायर ने नाबाद 155 रन बनाकर कर्नाटक को मुश्किल से बचाया। कर्नाटक ने चौथे दिन की शुरुआत 6 विकेट पर 176 रन से की और जल्दी ही कुछ विकेट गंवा दिए। लेकिन करुण ने निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ अच्छी बल्लेबाजी की और अपनी टीम को 9 विकेट पर 337 रन (पारी घोषित) तक पहुंचाया। जीत के लिए 194 रनों की ज़रूरत थी, लेकिन आंध्र ने 4 विकेट पर 104 रन बनाए और मैच ड्रॉ हो गया।
श्रीनगर में शुभम शर्मा ने शतक लगाया, जबकि आवेश खान और आर्यन पांडे ने तीन-तीन विकेट लिए। हालांकि, मध्य प्रदेश कोई नतीजा नहीं निकाल सका क्योंकि मेज़बान और मौजूदा चैंपियन जम्मू-कश्मीर ने कड़े मुकाबले के बाद मैच ड्रॉ करा लिया। कप्तान शुभम के नाबाद 106 रनों की बदौलत मध्य प्रदेश ने पांच विकेट पर 151 रन से दिन की शुरुआत करते हुए छह विकेट पर 249 रन (पारी घोषित) बनाए। जीत के लिए 326 रनों की ज़रूरत थी, लेकिन आवेश और आर्यन की घातक गेंदबाजी के आगे जेएडंके का स्कोर 5 विकेट पर 12 रन हो गया। निचले मध्य क्रम के बल्लेबाजों ने संघर्ष करने की कोशिश की लेकिन जेएंडके लगातार विकेट गंवाता रहा, जबकि बारिश और खराब रोशनी ने मध्य प्रदेश की चिंता बढ़ा दी। आखिरकार, आकिब नबी (नाबाद 30) और कन्हैया वधावन (नाबाद 27 – जो चोट के कारण रिटायर होने के बाद वापस आए थे) की संघर्षपूर्ण पारियों की बदौलत मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ और मेज़बान टीम ने 7 विकेट पर 88 रन बनाए।न्यू चंडीगढ़ में चौथे दिन के खेल में सलिल अरोड़ा और इमानजोत सिंह चहल के शतक और असम के संघर्षपूर्ण प्रदर्शन ने सबका ध्यान खींचा। मैच ड्रॉ रहा और पंजाब ने पहली पारी में बढ़त हासिल की। चौथे दिन की शुरुआत में पंजाब का स्कोर पांच विकेट पर 287 रन था और अरोड़ा व चहल के शतकों की बदौलत टीम छह विकेट पर 478 रन (पारी घोषित) तक पहुंच गई। असम ने अपनी दूसरी पारी 105 रन पीछे रहते हुए शुरू की और उमेश यादव और हरप्रीत बरार की शानदार गेंदबाज़ी के कारण 36 रन पर तीन विकेट गंवाकर मुश्किल में पड़ गई। लेकिन मिडिल ऑर्डर ने मज़बूत खेल दिखाया और पंजाब को रोके रखा। असम ने छह विकेट पर 157 रन बनाए और मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ।
चौथे दिन सौराष्ट्र की बल्लेबाजी में चिराग जानी के 127 रन मुख्य आकर्षण रहे और छत्तीसगढ़ के साथ उनका मैच ड्रॉ पर खत्म हुआ। पहली पारी में बढ़त हासिल करने के बाद, सौराष्ट्र ने अपनी दूसरी पारी एक विकेट पर 229 रन (घोषित) पर समाप्त की, जिसमें जानी और हार्विक देसाई (68) ने ओपनिंग में 151 रनों की साझेदारी की। रवींद्र जडेजा को मैच में शतक और तीन विकेट लेने के लिए ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ चुना गया।केरल झारखंड को पहली पारी में बढ़त लेने से नहीं रोक पाया, लेकिन आदित्य सरवटे की 135 गेंदों में 95 रनों की पारी ने मैच को ड्रॉ कराने में मदद की। केरल ने दिन की शुरुआत अपनी पहली पारी में छह विकेट पर 269 रन से की, जो झारखंड के 587 रनों के जवाब में था। वे कम स्कोर पर आउट होने के खतरे में थे, लेकिन सरवटे और सलमान निज़ार (135 गेंदों में 43 रन) ने संघर्षपूर्ण साझेदारी की और ओवर निकाले। आखिरकार केरल 395 रन पर ऑलआउट हो गया और उन्हें फॉलो-ऑन के लिए कहा गया। दूसरी पारी में वे दो विकेट पर 60 रन तक पहुंचे और फिर खिलाड़ियों ने हाथ मिलाकर मैच ड्रॉ कर लिया।
महिपाल लोमरोर की 170 गेंदों में 84 रनों की पारी ने तमिलनाडु को इंतज़ार कराया और राजस्थान ने अपनी दूसरी पारी छह विकेट पर 192 रन पर घोषित कर दी। जीत के लिए 282 रनों की ज़रूरत थी, लेकिन तमिलनाडु ने बिना किसी नुकसान के 73 रन बनाए, जिसमें साई सुदर्शन ने 67 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 26 रन बनाए। राजस्थान ने पहली पारी में बढ़त हासिल की थी और मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ। रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप मैच में गुरिंदर सिंह की 160 गेंदों पर नाबाद 100 रनों की पारी की बदौलत सिक्किम ने मेघालय के खिलाफ अपना मैच ड्रॉ कराया। अपनी दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के 44 रन से दिन की शुरुआत करते हुए और 106 रन पीछे रहते हुए, सिक्किम ने गुरिंदर के शतक और पार्थ पलावत की शानदार 66 रनों की पारी की मदद से मेघालय को रोके रखा।