
मिर्जापुर, 15 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था। इस काम में तत्कालीन सत्ता से जुड़े लोग और उनके रिश्तेदार सहयोग करते थे।उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी अयोग्यता जगजाहिर थी और हाईकोर्ट को उन्हें हटाने का आदेश देना पड़ा था।
शारदीय नवरात्र के दौरान विंध्याचल में मां विंध्यवासिनी के दर्शन करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने विंध्याचल में आयोजित शिक्षक-स्नातक सम्मेलन को संबोधित करते हुए सपा और कांग्रेस पर परिवारवाद, विकास और रोजगार के मुद्दों पर हमला बोला। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विंध्य कॉरिडोर का निर्माण हुआ है और गंगा घाटों के विकास का कार्य आगे बढ़ रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को स्नान करने में परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि पहले घाटों के अभाव में नियमित रूप से दुर्घटनाएं होती थीं, लेकिन घाटों के निर्माण से श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्नान की सुविधा मिली है। अब श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर अपने परिवार के साथ सकुशल घर लौट सकते हैं।योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले भी विंध्य क्षेत्र में विकास कार्य कराए जा सकते थे। उस समय भी धन और संसाधन उपलब्ध थे। काली खोह, अष्टभुजी देवी और मां विंध्यवासिनी के त्रिकोणीय क्षेत्र को जोड़ने के साथ स्थानीय विकास भी किया जा सकता था, लेकिन पहले धन का दुरुपयोग होता था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी धन कब्रिस्तानों की चहारदीवारी बनाने और गरीबों की जमीनों पर कब्जा करने जैसे कार्यों में खर्च किया जाता था। उनकी सरकार ने इस पर रोक लगाकर धन को विकास कार्यों की ओर मोड़ा। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब प्रतिदिन दो लाख से अधिक श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर रहे हैं।
मंच पर मिर्जापुर नगर विधायक रत्नाकर मिश्र की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने हल्के अंदाज में कहा कि हमारे पंडित जी को भी काफी परेशानी होती थी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के आगमन से एक दिन पहले विधायक रत्नाकर मिश्र ने बयान दिया था कि उन्हें रामद्रोहियों और देशद्रोहियों का वोट नहीं चाहिए। उन्होंने ऐसे लोगों से ईवीएम में उनके नाम के सामने बटन नहीं दबाने की अपील की थी।मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के लिए इच्छाशक्ति जरूरी है और वोट बैंक की संकीर्ण राजनीति से ऊपर उठना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की सत्ता देशवासियों के हाथों में आने के बाद भी लंबे समय तक परिवारवाद की राजनीति हावी रही। कांग्रेस नेहरू परिवार तक सीमित रही, जबकि समाजवादी पार्टी सैफई तक सिमटकर रह गई।
राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए योगी ने सपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के चयन में सामाजिक प्रतिनिधित्व की अनदेखी की। उनके मुताबिक, उम्मीदवारों में न दलित था, न पिछड़ा, न अगड़ा और न ही मुस्लिम समुदाय का कोई प्रतिनिधि।विकास के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी को चार बार सरकार चलाने का अवसर मिला, लेकिन उसने एक भी मेडिकल कॉलेज नहीं बनवाया। इसके विपरीत, उनकी सरकार ने विंध्याचल मंडल में दो मेडिकल कॉलेज और दो विश्वविद्यालय स्थापित किए, जो संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सड़कों की स्थिति खराब थी और जाम आम बात थी। सड़क, पानी, बिजली और सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी बुरा हाल था।
रोजगार के मुद्दे पर योगी ने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश की सरकारी नौकरियों पर एक ही परिवार का कब्जा था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने साढ़े नौ वर्ष के कार्यकाल में साढ़े नौ लाख युवाओं को रोजगार दिया है। साथ ही, एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर विकसित किए गए हैं।अयोध्या में राम मंदिर का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बने भव्य राम मंदिर को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है और आज भी उसका विरोध कर रहा है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के लिए प्रदेश सरकार की कैशलेस इलाज योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मान-सम्मान को बढ़ाने और उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराने में सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने विद्यार्थियों के लिए टैबलेट वितरण और कोचिंग जैसी सुविधाओं का भी जिक्र किया।