
लखनऊ, 15 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने चुनावों की निष्पक्षता को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल किया कि जब समाजवादी पार्टी चुनाव जीतती है तो प्रक्रिया सही होती है, लेकिन हारने पर चुनाव में बेईमानी के आरोप क्यों लगाए जाते हैं।श्री राजभर ने अखिलेश से पूछा कि क्या वर्ष 2024 का लोकसभा चुनाव निष्पक्ष और ईमानदारी से नहीं हुआ था, जिसमें सपा के 37 सांसद निर्वाचित हुए थे। उन्होने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “ वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव, 2019 के लोकसभा चुनाव और 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी को हार मिली थी। इसके विपरीत, 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने 37 सीटें जीतकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने सवाल किया कि यदि चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी थी तो 2024 के चुनाव को लेकर सपा ने वैसी आपत्ति क्यों नहीं उठाई।”
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि केंद्र में वर्ष 2014 से भाजपा की सरकार है। ऐसे में चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के सपा के रुख में अंतर क्यों है। उन्होंने 2024 में अखिलेश यादव के परिवार के पांच सदस्यों के सांसद चुने जाने का उल्लेख करते हुए पूछा कि उस समय चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल क्यों नहीं उठाए गए।राजभर ने अखिलेश यादव पर चुनावी मुद्दों को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि एसी, पीसी और ट्विटर ने अखिलेश को बहका दिया है। उनके ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी के बीच सामने आए हैं। उन्होने वर्ष 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी सपा अध्यक्ष पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव में समाजवादी पार्टी की साइकिल का टायर पंचर नहीं, बल्कि फटने वाला है। उन्होंने दावा किया कि अखिलेश यादव अभी से संभावित हार के बहाने तलाशने में जुट गए हैं।
कैबिनेट मंत्री ने अपने पोस्ट के अंत में तंज कसते हुए लिखा, ‘कुछ आंसू बचाके रखिए। सत्ताइस में सपा साफ है अखिलेश जी।’ राजभर के इस बयान से प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के संकेत हैं।