यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण रुस के चार मुख्य हवाई अड्डे बंद; 160 उड़ानें रद्द

यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण रुस के चार मुख्य हवाई अड्डे बंद; 160 उड़ानें रद्द

मॉस्को 16 अक्टूबर। रुस में मॉस्को के चारों मुख्य हवाई अड्डों को यूक्रेनी ड्रोन हमलों के चलते रात भर बंद करना पड़ा जिससे हवाई यात्रा बाधित हुई और 160 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।मॉस्को के मेयर सर्गेई सोब्यानिन ने बताया कि रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने राजधानी की ओर आ रहे 94 ड्रोन को मार गिराया। उन्होंने बताया कि वुनुकोवो, डोमोडेडोवो, ज़ुकोव्स्की और शेरेमेत्येवो हवाई अड्डों को सात घंटे तक के लिए बंद रखा गया।

सेंट पीटर्सबर्ग के पुलकोवो हवाई अड्डे को भी रात के दौरान दो बार अपना कामकाज रोकना पड़ा। लेनिनग्राद क्षेत्र के गवर्नर अलेक्जेंडर ड्रोज़देन्को ने बताया कि इस इलाके के ऊपर चार ड्रोन नष्ट किए गए।रूसी जांच एजेंसी ‘एजेंटस्ट्वो’ के अनुसार अक्टूबर के पहले 14 दिनों में मॉस्को के चारों हवाई अड्डे कुल 101 घंटे तक बंद रहे, जबकि पूरे सितंबर महीने में ये कुल 46 घंटे बंद रहे थे।

रिपोर्टों के अनुसार मंगलवार को यूक्रेन ने मॉस्को को निशाना बनाते हुए अब तक के अपने सबसे बड़े ड्रोन अभियानों में से एक को अंजाम दिया, जिसमें लगभग 500 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।गत नौ अक्टूबर की कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को ले जा रहे विमान को मॉस्को में ड्रोन हमले के कारण उतरने में दिक्कत हुई, जिसके बाद उसे सेंट पीटर्सबर्ग की ओर मोड़ दिया गया। हालांकि ऐसी कोई जानकारी नहीं है कि विमान को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया था।

रूसी अधिकारियों ने इन रिपोर्टों की न तो पुष्टि की है और न ही इनका खंडन किया है।यूक्रेन ने आधिकारिक तौर पर रूसी हवाई अड्डों के कामकाज को बाधित करने के किसी सुनियोजित अभियान की पुष्टि नहीं की है, जिसे कुछ मीडिया आउटलेट्स ने “ऑपरेशन एम एवं एमएस” का नाम दिया है।

रिपोर्टों के मुताबिक ज़ेलेंस्की ने अभी तक इस प्रस्तावित अभियान के अधिक आक्रामक संस्करण को मंजूरी नहीं दी है।उन्होंने सितंबर में चेतावनी दी थी कि रूसी हवाई क्षेत्र लगातार असुरक्षित होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि रूस के ऊपर ड्रोन दिखाई देंगे और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों से आग्रह किया कि वे रूसी हवाई अड्डों के लिए अपनी उड़ानें बंद कर दें।

यूक्रेन लगातार रूस के सैन्य, ऊर्जा और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है। इसका मकसद उसकी उस क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह यूक्रेन के खिलाफ चल रहे युद्ध के लिए धन जुटाता है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन के हमलों की आलोचना की है। रूस से डीजल खरीदने के समझौते की घोषणा करने के बाद उन्होंने इन हमलों को “शर्मनाक” करार दिया।

श्री ट्रम्प ने एक साक्षात्कार में कहा, “कई ऐसे लक्ष्य हैं जिन्हें निशाना बनाया जा सकता है। लेकिन जब आप उन तेल रिफाइनरियों पर हमला करते हैं जहाँ डीजल बनता है—जिसकी हमें और पूरी दुनिया को ज़रूरत है—तो ज़ेलेंस्की दुनिया का कोई भला नहीं कर रहे हैं।”

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