विरोध जारी रखेंगे सीजेपी संस्थापक दिपके, कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के प्रयास का लगाया आरोप

विरोध जारी रखेंगे सीजेपी संस्थापक दिपके, कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के प्रयास का लगाया आरोप

नयी दिल्ली, 18 अक्टूबर । कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि हाल ही में हुई गिरफ्तारियां और हिरासत में लेने की घटनाएं उनके समूह से जुड़े साथियों को डराने-धमकाने के मकसद से की गई हैं।

उन्होंने कहा कि वे अपना अभियान जारी रखेंगे और अपने साथियों सौरव दास और आशुतोष रांका के वापस आने के बाद ही आगे के कदम तय करेंगे। श्री दिपके ने कहा कि दोनों साथियों के वापस आने पर समूह फिर से एकजुट होगा और अपनी भविष्य की रणनीति तैयार करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों को जल्द ही ही रिहा कर दिया जाएगा।

श्री दिपके ने संवाददाताओं से कहा, “श्री सौरव और श्री आशु के वापस आने पर हम सब साथ बैठेंगे, स्थिति का फिर से जायजा लेंगे और तय करेंगे कि आगे कैसे बढ़ना है। पिछले कुछ दिनों में हमने जो गैर-कानूनी गिरफ्तारियां और हिरासत की घटनाएं देखी हैं, वे हमें डराने-धमकाने की कोशिश को दर्शाती हैं। लेकिन हम न तो डरेंगे और न ही पीछे हटेंगे। यह एक लंबी लड़ाई है और हम इसके लिए तैयार हैं।”

उन्होंने बताया कि वे इस मामले से जुड़े कानूनी पहलुओं पर चर्चा करने के लिए अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर से मिलने जा रहे हैं। श्री दिपके को शनिवार को मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन स्थित विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (एसईएम) अदालत के समक्ष पेश किया गया था। यह कार्रवाई भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126 और 170 के तहत नयी निवारक कार्यवाही के सिलसिले में की गई थी।

दिल्ली पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई 10 अक्टूबर को श्री दिपके द्वारा जमा किए गए ‘शांति बॉन्ड’ के उल्लंघन को लेकर की गई थी। पुलिस ने बताया कि बाद में एक नया बॉन्ड जमा करने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। गौरतलब है कि यह घटनाक्रम 10 अक्टूबर को दिल्ली हवाई अड्डे पर श्री दिपके को हिरासत में लिए जाने और उनसे एक साल तक शांति बनाए रखने का लिखित आश्वासन मांगे जाने के कुछ दिनों बाद हुआ है। उन्हें शुक्रवार को फिर से हिरासत में ले लिया गया, जब वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रवक्ता अनीश गवांडे के आवास से निकल रहे थे, जहां वे रुके हुए थे।

बताया जा रहा है कि श्री दिपके कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में प्रस्तावित ‘राष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शन’ में शामिल होने जा रहे थे, तभी पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा का हवाला दिया, साथ ही यातायात व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और व्यावसायिक गतिविधियों में संभावित रुकावट को लेकर चिंता जताई।

सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने इस कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि लोगों से राष्ट्रीय ध्वज के साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने की अपील करना अपने आप में कोई आपराधिक कृत्य नहीं माना जा सकता।

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