ओआईसी में कश्मीर पर दुर्भावनापूर्ण बयानों को भारत ने किया खारिज, पाकिस्तान पर साधा निशाना

ओआईसी में कश्मीर पर दुर्भावनापूर्ण बयानों को भारत ने किया खारिज, पाकिस्तान पर साधा निशाना

नई दिल्ली 19 अक्टूबर। भारत ने इराक की राजधानी बगदाद में इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों की बैठक में कश्मीर के संदर्भ में की गई टिप्पणियों को गलत, पक्षपातपूर्ण तथा दुर्भावनापूर्ण बताते हुए खारिज कर दिया है और आरोप लगाया है कि इसे पाकिस्तान ने सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया है।भारत ने कहा है कि यह निराशाजनक है कि ओआईसी ने एक बार फिर पाकिस्तान को अपने संकीर्ण सोच वाले एजेंडे के लिए उसका दुरुपयोग करने की अनुमति दी है।

विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक वक्तव्य जारी कर कहा कि जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख देश के अभिन्न अंग हैं और ओआईसी को भारत के आंतरिक मामलों में टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे, पर्यटन और संपर्क सुविधाओं के विकास से आर्थिक तरक्की हुई है और लोगों को इसका सीधा लाभ मिला है।भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर भी सवाल उठाए हैं और कहा है कि वहां पाकिस्तान ने प्रदर्शन कर रहे आम लोगों के खिलाफ हिंसा और दमन किया है, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत कई लोगों की मौत हुई है। भारत ने कहा है कि मीडिया पर रोक लगाकर मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन को छिपाया नहीं जा सकता।

भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर के बारे में केवल एक ही मुद्दा बचा है और वह यह है कि पाकिस्तान जम्मू कश्मीर के हिस्सों से अपना अवैध कब्जा खत्म करे तथा सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद करे।वक्तव्य में ओआईसी के प्रस्तावों में ‘इस्लामोफोबिया’ से जुड़े आरोपों को भी खारिज किया गया। उसने कहा कि पाकिस्तान ऐसे आरोप लगाकर अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न, सांप्रदायिक हिंसा, शासन की नाकामी और राजनीतिक अस्थिरता से जुड़े अपने रिकॉर्ड से दुनिया का ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है।

भारत ने कहा है कि पाकिस्तान के भारत विरोधी प्रचार का बार-बार समर्थन करने से ओआईसी की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते हैं। भारत ने संगठन के सदस्य देशों से इसमें सुधार की उम्मीद जताई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Designed and Developed by Prakhar Dixit