
नयी दिल्ली 22 अक्टूबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पुरानी वैश्विक व्यवस्था आज की चुनौतियों का समाधान करने में सक्षम नहीं है इसलिए संयुक्त राष्ट्र समेत वैश्विक संस्थाओं में सुधार, ग्लोबल साउथ को उचित स्थान देने और संकट के समय देशों के बीच सहयोग मजबूत करने की जरूरत है।श्री मोदी ने गुरुवार को एक निजी मीडिया समूह के कार्यक्रम में कहा कि भारत संवाद और सहमति के जरिए दुनिया को नयी दिशा देने में अहम भूमिका निभा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट के दौरान भारत ने 100 से अधिक देशों को दवाइयां पहुंचायी और जरूरतमंद देशों की मदद की। उन्होंने जी 20 और ब्रिक्स शिखर सम्मेलनों में आम सहमति से घोषणापत्र जारी होने को भारत की संवाद और सहयोग की नीति का उदाहरण बताया।प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने डिजिटल भुगतान, हरित ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर और शोध के क्षेत्रों में भारत की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए घरेलू उत्पादन और दवा उद्योग में निवेश बढ़ाने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल देश की प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे दुनिया की समृद्धि को भी बढ़ावा मिलेगा।